
रायपुर@अजय रघुवंशी। Pending E-Challan: राजधानी की सडक़ों पर लगे आईटीएमएस कैमरों से चालान सरकारी रिकाॅर्ड में दर्ज हो रही है, लेकिन कई मामलों में यह जानकारी न तो वाहन चालकों के मोबाइल पर मिल रही है और न ही घर पर कोई नोटिस भेजा जा रहा है। राजधानी में अलग-अलग ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिसमें ई-चालान पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
यह खुलासा तब हो रहा है, जब वाहन चालक परिवहन विभाग के मोबाइल एप्लीकेशन में जाकर अपना स्टेटस चेक कर रहे हैं। परेशानी तब बढ़ रही है, जब वाहन मालिक को लंबे समय तक चालान की जानकारी ही नहीं होती। बाद में रिकॉर्ड खंगालने या किसी दूसरे काम के सिलसिले में बकाया चालान का पता चलता है। कुछ मामलों में जुर्माने की राशि 20 हजार रुपए तक होने का दावा किया जा रहा है।
शशांक शर्मा, बंधवापारा, पुरानी बस्ती के मुताबिक, मेरी कार का नंबर सीजी 04-एनबी-9246 है, मेरी गाड़ी का 10300 रुपए का चालान दिखा रहा है। यहां मेरी जानकारी में नहीं है, ना ही मुझे कोई मैसेज मिला। जब मैंने चेक किया तब मुझे पता चला कि मेरी गाड़ी में यह चालान पेंडिंग हैं। तीन चालान आए हैंं।
विवेक डागा न्यू राजेंद्र नगर के अनुसार, मुझे पता नहीं था कि मेरी गाड़ी में 4900 रुपए का चालान हैं। मेरी गाड़ी का नंबर सीजी 04-एनबी- 6700 है। ऐप के माध्यम से जब मैंने चेक किया तब मुझे पता चला कि कार के अलग-अलग पांच चालान दिखा रहा है।
ट्रैफिक एक्सपर्ट्स के मुताबिक ई-चालान व्यवस्था का उद्देश्य यातायात नियमों का उल्लंघन पकडऩा और कार्रवाई को पारदर्शी बनाना है। कैमरों या दूसरे माध्यमों से उल्लंघन दर्ज होने के बाद चालान बनाया जाता है। लेकिन वाहन मालिकों तक सूचना पहुंचना भी उतना ही जरूरी है, ताकि वे समय रहते चालान की जानकारी हासिल कर सकें।
आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक रायपुर कमिश्नरेट में ई-चालान की कार्रवाई के अंतर्गत आठ महीने में 8 करोड़ 94 लाख रुपए के समन शुल्क जारी किए गए हैं। जनवरी से अगस्त महीने के रिकाॅर्ड के मुताबिक 8 महीनों में सबसे ज्यादा मार्च महीने में वाहन चालकों को 1 करोड़ 93 लाख 54 हजार 500 रुपए का समन शुल्क जारी किया गया।
जनवरी-1,08,41,200
फरवरी-95,36,900
मार्च-1,93,94,500
अप्रैल-1,52,00,500
मई-1,75,42,050
जून-44,47,600
जुलाई-63,77,700
अगस्त- 60,91,900
कुल- 8 करोड़ 94 लाख 32 हजार 350
(नोट-वर्ष 2026 में रायपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में वसूल की गई ई-चालान की राशि)
डी. रविशंकर अपर आयुक्त, परिवहन विभाग के मुताबिक, कई बार मोबाइल नंबर और मकान का पता बदलने की वजह से भी सूचना नहीं पहुंच पाती। फिर भी इस मामले को चेक करवाएंगे। लोगों को वाहन चालान की पुष्टि के लिए नजदीकी ट्रैफिक थाने में संपर्क करना चाहिए।