
रायपुर . राज्य सरकार अब ड्राइविंग लाइसेंस देने के लिए अंगदान करने की प्रेरणा देने का काम भी करेगा। इसके लिए परिवहन विभाग ने ड्राइविंग लाइसेंस के फार्म में एक अंगदान करने से संबंधित कॉलम जोड़ रहा है। वाहन चालकों को इस कॉलम निशान लगातार अंगदान की अनुमति ली जाएगी। अगर आप इस कॉलम को खाली छोड़ देंगे तो आपका बना हुआ ड्राइविंग लाइसेंस रद्द हो सकता है।
यह है पूरा मामला
छत्तीसगढ़ में हर साल सड़क दुर्घटना में औसतन 4 हजार 107 लोगों की मौत होती है। इससे दुर्घटना में आकस्मिक मृत्य होने पर परिवार की सहमति से मृतक की आंख, किडनी व लीवर का उपयोग जरूरतमंदों को नई रोशनी देने में किया जा सकेगा।
हर वर्ष राज्य में हजारों वाहन चालकों की सड़क दुर्घटना में मौत हो जाती है। लेकिन, अंगदान नहीं करने से उनका शरीर किसी के काम नहीं आता। इसे देखते हुए केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्रालय ने नया नियम जारी किया है। इसके अनुसार लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाला अपने स्वविवेक से अंगदान कर सकता है। इसे विभाग के द्वारा अनिवार्य नहीं किया गया है।
नया सॉफ्टवेयर
परिवहन विभाग ने अपने नए सॉफ्टवेयर सारथी-4 में बदलाव किया है। इसके माध्यम से लाइसेंस और परमिट से लेकर सभी कामकाज ऑनलाइन किए जाते है। किसी भी तरह की जानकारी मिनटों में कम्प्यूटर के माध्यम से देखी जा सकती है। यह मुख्यालय से लेकर सभी आरटीओं और एआरटीओं दफ्तर से जुड़ा हुआ है। वाहनों के बकाया टैक्स और जीवनकाल और दूसरे राज्यों की वाहनों तक की जानकारी इसमें फिड की गई है।
यह होगा
राज्य पुलिस का अमला दुर्घटना के बाद सीधे घायल के परिजनों सूचित कर लाइसेंस की जांच करेगा। हादसे में मौत हो जाने पर तुंरत समीपस्थ अस्पताल ले जाया जाएगा। वहां डाक्टर की मदद से जरूरतमंद को आवश्यकता के अनुसार अंगों को प्रत्यारोपित किया जाएगा। गौरतलब है कि इस समय देहदान और अंगदान करने के लिए दस्तावेजी खानापूर्ति करनी पड़ती है। लेकिन, लाइसेंस के आवेदन में रिमार्क करने पर मृतक के परिवारवालों परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी।
लाइसेंस के आवेदन फार्म में अंगदान का नया कालम जोड़ा गया है। आवेदनकर्ता चाहे तो इसे इग्नोर कर सकता है। यह उसकी इच्छा पर निर्भर करता है।
पुलक भट्टाचार्य, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी रायपुर