Chhattisgarh News: तेलीबांधा तालाब के तर्ज पर आमापारा के कारी तालाब का भी सौंदर्यीकरण किया गया था, लेकिन एक साल में ही यहां का सौंदर्यीकरण बर्बाद हो गया।
रायपुर। Raipur News: तेलीबांधा तालाब के तर्ज पर आमापारा के कारी तालाब का भी सौंदर्यीकरण किया गया था, लेकिन एक साल में ही यहां का सौंदर्यीकरण बर्बाद हो गया। 3 एकड़ के क्षेत्रफल वाले इस तालाब में अवैध अतिक्रमण के बाद अब केवल 1 एकड़ ही शेष है। इसके बाद भी निगम की नींद नहीं टूट रही है। यहां की पार्किंग के लिए खाली स्थान पर स्वास्थ्य विभाग हमर अस्पताल बनाने की तैयारी कर रहा है, जिससे एक बार फिर यह तालाब गंदगी के कारण अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है।
फिर टूटे पाथवे
सौंदर्यीकरण के नाम पर केवल गहरीकरण व कचरा निकला है। जिस पर राज्य शासन ने सरोवर-धरोहर योजना के तहत करीब 6 करोड़ 58 लाख रूपए से पूरे तालाब का कायाकल्प किया है। महज दो वर्षों में पार्किंग के पेवर ब्लॉक पूरी तरह से टूट गए हैं। वहीं सुबह सैर करने वाले लोग बदबू से हलाकान हो रहे हैं। गंदगी के कारण आसपास के रहवासियाें को निस्तारी में परेशानी हो रही है।
गंदगी में प्लास्टिक वेस्टेज ज्यादा
पूरे तालाब को करीब चार वर्ष पहले गहरीकरण कर पॉलीथिन, प्लास्टिक आदि कचरा निकाला गया था। इससे फिर से तालाब अस्तित्व में आ गया था, लेकिन चारों कोने में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाया गया है। साल 2017 तक तालाब के बीचों-बीच घनी झाड़ियां थीं। तालाब दिखाई ही नहीं देता था। यकीन कर पाना मुश्किल है कि यह वही तालाब है जो पटते जा रहा था।
बाजार हटाकर अब अस्पताल बनाने की तैयारी
आमापारा में सड़क किनारे लग रहे बाजार को यातायात जाम की समस्या के कारण हटाया गया था, लेकिन बाजार के खाली हुए जगह पर ही सड़क किनारे हमर अस्पताल बनाने की तैयारी प्रशासन कर रहा है।
कारी तालाब पार्किंग में निगम द्वारा अस्पताल की निर्माण नहीं किया जा रहा है, ये स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जा रहा है। तालाब में रोजाना सफाई की जा रही है। शेष कार्य पूर्ण हो चुका है। - जसदेव बाबरा, निगम जोन 7 कमिश्नर
हमारे वार्ड में पहले से ही हमर अस्पताल है, ये तात्यापारा वार्ड के लिए बनाया जा रहा है। जब बाजार खाली करके पार्किंग बनाया गया था, तो वहां अस्पताल बनाने का क्या मकसद है। इसका विरोध भी किया था। अभी तक तालाब में पूरी तरह से कार्य नहीं हो पाया है। वहीं अभी लाइटें, झूले और कई चीजें लगना बाकी है। - दीपक जायसवाल, पार्षद