रायपुर

Land Guideline: जमीन की गाइडलाइन दरों में फिर बदलाव! धमतरी समेत इन जिलों में नई दरें लागू… जारी हुआ आदेश

Feb 04, 2026
CG News, Land rate
प्रतीकात्मक तस्वीर: पत्रिका

Land Guideline: छत्तीसगढ़ में जमीन की गाइडलाइन कीमतों को लेकर एक बार फिर बदलाव किया गया है। कोरबा और रायपुर जिले के बाद अब धमतरी, बलौदा बाजार एवं गरियाबंद जिलों में भी जमीन की नई गाइडलाइन दरें आज यानी 4 फरवरी से प्रभावी हो गई हैं।

उल्लेखनीय है कि राज्य में 20 नवंबर 2025 से नवीन गाइडलाइन दरें लागू की गई थीं। इसके बाद राज्य शासन द्वारा जिला मूल्यांकन समितियों को निर्देश दिए गए थे कि वे गाइडलाइन दरों के पुनरीक्षण से संबंधित प्रस्ताव केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजें। इसी क्रम में केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा अनुमोदित संशोधित गाइडलाइन दरें अब धमतरी, बलौदा बाजार और गरियाबंद जिलों में लागू कर दी गई हैं।

बैठक में प्रस्तावित गाइडलाइन दरों का किया गया परीक्षण

शासन के निर्देशानुसार तीनों जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों से संशोधन प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इन प्रस्तावों पर विचार के लिए महानिरीक्षक पंजीयन की अध्यक्षता में केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रस्तावित गाइडलाइन दरों का परीक्षण किया गया और विस्तृत विचार-विमर्श के बाद तीनों जिलों के प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई।

आम नागरिक एवं संबंधित हितधारक नई गाइडलाइन दरों की जानकारी संबंधित जिला पंजीयन कार्यालयों एवं विभागीय वेबसाइट के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं। वहीं, अन्य जिलों की संशोधित गाइडलाइन दरें भी जिला मूल्यांकन समितियों से प्रस्ताव प्राप्त होते ही शीघ्र जारी की जाएंगी। इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।

Land Guideline: आदेश जारी

पिछले साल हुआ था बड़ा बदलाव

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शासन ने वर्ष 2025-26 के लिए पूरे राज्य में नई गाइडलाइन दरें लागू की थीं। “छत्तीसगढ़ गाइडलाइन दरों का निर्धारण नियम, 2000” के तहत केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड, रायपुर द्वारा अनुमोदित ये दरें 20 नवंबर 2025 से प्रभावी हुई थीं। यह संशोधन वर्ष 2018-19 के बाद पहली बार राज्यव्यापी स्तर पर किया गया था।

करीब आठ वर्षों तक गाइडलाइन दरों में कोई बदलाव नहीं होने के कारण बाजार मूल्य और गाइडलाइन मूल्य के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया था। इसी अंतर को समाप्त करने के उद्देश्य से शासन द्वारा वैज्ञानिक पद्धति से दरों का युक्तिसंगत पुनर्संयोजन किया गया। इसमें जिलों की भौगोलिक स्थिति, शहरी-ग्रामीण संरचना, सड़क संपर्क, बसाहट तथा आर्थिक गतिविधियों में आए बदलावों को ध्यान में रखा गया है।

Updated on:
04 Feb 2026 12:15 pm
Published on:
04 Feb 2026 12:15 pm