महिला को केवायसी नहीं होने का दिया झांसा: पुलिस ने फ्रीज कराए 1 लाख 90 हजार
रायपुर. ज़िंदगी भर की जमापूंजी को साइबर ठग ने एक झटके में साफ कर दिया। महिला की थोड़ी सी चूक ने बड़ा नुकसान कर दिया। साइबर ठगों ने झांसा देकर महिला के दो बैंक खाते से करीब तीन लाख रुपए पार कर दिया। शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है।
पुलिस के मुताबिक अविनाश प्राइड में रहने वाली उमा मित्रा के पति का देहांत हो गया है। महिला के पास एक युवक ने फोन किया और उनके फोन पे की केवायसी नहीं होने की जानकारी दी। केवायसी नहीं होने के कारण बैंक खाते से 2200 रुपए कल कट जाएगा। यदि 2200 रुपए बचाना है, तो जैसा मैं बताता हूं। वैसा करिए। आपकी केवायसी पूरी हो जाएगी। महिला उसकी बातों में आ गई। इसके बाद साइबर ठग ने कहा कि अपने सीनियर से बात करवा रहा है। कुछ देर बाद एक दूसरे नंबर से महिला को फोन किया गया और फोन पे में कुछ प्रोसेस करने के लिए कहा। महिला ने वैसा ही किया। कुछ देर बाद भी केवायसी वेरीफिकेशन का मैसेज नहीं आया।
इसके बाद ठग ने उनसे कहा कि अपने एटीएम कार्ड को फोन पे स्कैनर से स्कैन करने कहा। जैसे ही महिला ने स्कैन किया, वैसे ही उनके एसबीआई बैंक के खाते से रकम निकलने लगे। इसका मैसेज महिला के मोबाइल में आया, तो उन्होंने इस पर आपत्ति की। साइबर ठग ने फिर उन्हें भरोसा दिलाते हुए कहा कि टेक्नीकल एरर की वजह से ऐसा हो रहा है। आप फोन मत काटिएगा। मैं चेक कर रहा हूं। साइबर ठग महिला से लगातार बात करते रहा और उनके खाते से रकम निकलते रहा।
दूसरे खाते में राशि जमा
मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने पीडि़ता का 1 लाख 90 हजार फ्रीज कराया। साइबर ठग ने अपने बैंक खाते में रकम का ट्रांसफर कर दिया था। इसकी जानकारी होते ही पुलिस की टीम ने ठग के खाते को फ्रीज करवा दिया। इससे वह 1 लाख 90 हजार रुपए को निकाल नहीं पाया। पुलिस ने अज्ञात ठग के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।