
इंस्टाग्राम अकाउंट से जुड़ा वायरल स्क्रीनशॉट (photo source- Patrika)
Chhattisgarh Politics: महादेव ऑनलाइन बेटिंग एप के मुख्य सरगना सौरभ चंद्राकर के साथ पूर्व सीएम भूपेश बघेल का नाम एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस बार विवाद की वजह एक कथित इंस्टाग्राम चैट का स्क्रीनशॉट है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं इस वायरल पोस्ट के जरिए दावा किया जा रहा है कि सौरभ चंद्राकर के कथित इंस्टाग्राम अकाउंट और भूपेश बघेल के नाम से एक यूजरनेम के जरिए दोनों तरफ से मैसेज किए गए थे, जिसका स्क्रीनशॉट अब वायरल हो रहा है।
हालांकि इस दावे को पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सिरे से खारिज कर दिया है। इतना ही नहीं उन्होंने इसे फोटोशॉप और फर्जी सामग्री बताते हुए न केवल नाराजगी जताई, बल्कि इसके पीछे साजिश रचने वालों को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
मामला तब चर्चा में आया जब सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल होने लगी। पोस्ट में एक कथित इंस्टाग्राम चैट का स्क्रीनशॉट साझा किया गया, जिसमें दावा किया गया कि महादेव बेटिंग एप के सरगना सौरभ चंद्राकर और भूपेश बघेल के कथित अकाउंट के बीच बातचीत हुई थी। वायरल पोस्ट के आधार पर कुछ डिजिटल प्लेटफॉर्म और पोर्टल्स ने भी खबरें प्रकाशित कीं। इसके बाद यह मामला राजनीतिक और सोशल मीडिया गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।
वायरल दावों के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर प्रतिक्रिया देते हुए इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने लिखा कि सुबह से एक पोर्टल पर फोटोशॉप की गई सामग्री के आधार पर खबर चलाई जा रही है।
भूपेश बघेल ने दावा किया कि वायरल वीडियो और स्क्रीनशॉट में दिखाए गए चैट बॉक्स वास्तविक नहीं हैं। उन्होंने अपने पोस्ट में संबंधित चैट का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए कहा कि जिस यूजरनेम का उल्लेख किया जा रहा है, उसके साथ किसी भी प्रकार के संदेशों का आदान-प्रदान नहीं हुआ है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इस तरह की फर्जी खबरें फैलाने वालों और उनके प्रायोजकों की जानकारी उनके पास पहुंच चुकी है। उन्होंने लिखा कि जो लोग इस तरह के फर्जी खेल खेल रहे हैं, उन्हें यह जान लेना चाहिए कि उनके पीछे काम कर रहे लोगों की पहचान सामने आ चुकी है। साथ ही उन्होंने उन कथित पत्रकारों और मीडिया कर्मियों को भी चेतावनी दी, जो बिना तथ्यों की पुष्टि किए इस सामग्री को आगे बढ़ा रहे हैं।
भूपेश बघेल ने स्पष्ट किया कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और उनकी लीगल टीम जल्द ही आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेगी। उन्होंने जिम्मेदार मीडिया संस्थानों से भी अपील की कि किसी भी खबर को प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले उसकी तथ्यात्मक जांच अवश्य करें। उनका कहना था कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर सामग्री को बिना सत्यापन के समाचार के रूप में पेश करना पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।
महादेव ऑनलाइन सट्टा एप मामला पिछले कुछ वर्षों से देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले में सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल को मुख्य आरोपी माना जाता है। प्रवर्तन निदेशालय (ED), आयकर विभाग (IT) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) सहित कई केंद्रीय और राज्य एजेंसियां इस मामले की जांच कर चुकी हैं।
वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले भी इस मामले को लेकर तत्कालीन कांग्रेस सरकार और उससे जुड़े कुछ लोगों पर आरोप लगाए गए थे। उस समय भी भूपेश बघेल ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताते हुए खारिज कर दिया था।
महादेव सट्टा एप घोटाले में अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और कई प्रभावशाली लोगों के नाम जांच एजेंसियों की जांच में सामने आए हैं। मामले से जुड़े आर्थिक लेनदेन, हवाला नेटवर्क और राजनीतिक संपर्कों को लेकर लगातार जांच होती रही है।
अब कथित वायरल स्क्रीनशॉट को लेकर शुरू हुआ नया विवाद एक बार फिर महादेव एप मामले को सुर्खियों में ले आया है। हालांकि वायरल चैट की सत्यता को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आगामी दिनों में होने वाली कानूनी कार्रवाई और संभावित तकनीकी या फॉरेंसिक जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल स्क्रीनशॉट और उसके बाद भूपेश बघेल की तीखी प्रतिक्रिया ने राजनीतिक माहौल को फिर गर्म कर दिया है। जहां समर्थक इसे पूर्व मुख्यमंत्री को बदनाम करने की कोशिश बता रहे हैं, वहीं विरोधी पक्ष इस मुद्दे पर सवाल उठा रहा है। फिलहाल मामला सोशल मीडिया से निकलकर राजनीतिक बहस का हिस्सा बन चुका है और आने वाले दिनों में इस पर और प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।
Updated on:
16 Jun 2026 03:56 pm
Published on:
16 Jun 2026 03:13 pm
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