
स्वर्गीय पद्म विभूषण तीजन बाई (Photo Patrika)
Teejan Bai family decision:@ताबीर हुसैन। पद्म विभूषण से सम्मानित अंतरराष्ट्रीय पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई की ऐतिहासिक कला-धरोहर को सहेजने की कवायद के बीच परिवार और संस्कृति विभाग के बीच बातचीत का दौर जारी है। एक तरफ जहां परिजनों ने फिलहाल तंबूरा सौंपने से मना कर दिया है, वहीं संस्कृति विभाग को अब भी उम्मीद है कि परिवार मान जाएगा। तीजन बाई की बहन की बहु वेणु देशमुख ने बातचीत में भावुक होते हुए कहा, मां के जाने से हमारा घर पहले ही सूना हो चुका है। उनका तंबूरा केवल एक वाद्य यंत्र नहीं, बल्कि उनकी जीती-जागती पहचान है। अगर इसे भी दे देंगे, तो हमारे पास उनकी याद के तौर पर कुछ नहीं बचेगा।
वेणु देशमुख ने बताया कि तीजन बाई का पोता पंडवानी गायन सीख रहा है और आकाशवाणी, नया रायपुर, नागपुर व भिलाई में प्रस्तुतियां दे चुका है। परिवार चाहता है कि तीजन बाई की तान और परंपरा को उनका पोता इसी तंबूरे के साथ आगे बढ़ाए। परिजनों ने विभाग को विकल्प दिया है कि वे चाहें तो असली तंबूरे की प्रतिकृति (कॉपी) बनवाकर संग्रहालय में रख लें, लेकिन मूल तंबूरा और वेशभूषा परिवार अपने घर में ही स्मारक बनाकर सुरक्षित रखेगा।
दूसरी ओर, इस पूरे मामले पर संस्कृति संचालक संजय कन्नौजे ने विभाग का पक्ष रखते हुए बताया कि अधिकारी तंबूरे के आग्रह के लिए परिजनों से मिलने गए थे। हम उनके घर तंबूरे के लिए गए थे। अभी-अभी उनके घर में यह दुखद घटना घटी है, इसलिए वे लोग काफी भावुक हैं। उनका पोता भी अभी बीमार है। फिलहाल उन्होंने मना कर दिया है, लेकिन हमें पूरी उम्मीद है कि वे राजी हो जाएंगे। हम इस संबंध में एक बार फिर से उनसे बातचीत और प्रयास करेंगे।
दूसरी ओर संस्कृति विभाग को अब भी उम्मीद है कि भविष्य में परिवार अपना निर्णय बदल सकता है। संस्कृति संचालक संजय कन्नौजे ने बताया कि विभाग के अधिकारी तंबूरा लेने के लिए परिजनों से मिलने गए थे, लेकिन परिवार हालिया दुखद घटना से अभी उबर नहीं पाया है। उन्होंने कहा कि तीजन बाई के निधन के कारण पूरा परिवार भावनात्मक दौर से गुजर रहा है। इसके अलावा उनका पोता भी फिलहाल अस्वस्थ है। इसी वजह से परिवार ने अभी तंबूरा देने से मना किया है।
Updated on:
02 Aug 2026 03:54 pm
Published on:
02 Aug 2026 03:53 pm
