
पहली नियुक्ति से सेवा जोड़ने की मांग खारिज (photo source- Patrika)
Chhattisgarh Teacher LB Pension: छत्तीसगढ़ के डेढ़ लाख से अधिक शिक्षक (एलबी) के लिए बड़ी खबर है। स्कूल शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि शिक्षक (एलबी) संवर्ग को पेंशन और अन्य सेवा लाभ पहली नियुक्ति की तारीख से नहीं, बल्कि 1 जुलाई 2018 से ही मिलेंगे। विभाग ने इस संबंध में जारी सभी दावों को खारिज करते हुए स्पष्ट आदेश जारी किया है। स्कूल शिक्षा विभाग के उप सचिव ने आदेश जारी कर कहा है कि पेंशन और अन्य लाभों के लिए सेवाकाल की गणना केवल संविलियन (मर्जर) की तारीख यानी 1 जुलाई 2018 से ही होगी। इससे पहले पंचायत या नगरीय निकाय में की गई सेवा को शासकीय सेवा नहीं माना जाएगा।
यह मामला तब सामने आया जब कुछ शिक्षक एलबी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मांग की थी कि पेंशन और अन्य सेवा लाभों के लिए उनकी सेवा पहली नियुक्ति की तारीख से गिनी जाए। इस पर बिलासपुर हाईकोर्ट ने 23 जनवरी 2026 को राज्य सरकार को मामले पर संवैधानिक और कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सरकार ने पूरे मामले की समीक्षा की और अब अपना अंतिम फैसला जारी कर दिया है।
स्कूल शिक्षा विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि पंचायत और नगरीय निकाय में कार्यरत शिक्षाकर्मी पंचायत राज अधिनियम और संबंधित नियमों के तहत नियुक्त थे। वे उस समय राज्य सरकार के नियमित शासकीय कर्मचारी नहीं थे। इसी कारण उनकी उस अवधि की सेवा को शासकीय सेवा नहीं माना जा सकता। सरकार ने स्पष्ट किया कि 1 जुलाई 2018 को जिन शिक्षाकर्मियों की सेवा 8 वर्ष या उससे अधिक पूरी हो चुकी थी, उनका स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन किया गया था।
विभाग ने 30 जून 2018 को जारी संविलियन आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि शिक्षक (एलबी) संवर्ग के सभी सेवा लाभों की गणना 1 जुलाई 2018 से होगी। संविलियन से पहले की सेवा अवधि के लिए कोई एरियर या अतिरिक्त लाभ नहीं मिलेगा। शासकीय सेवा में आने से पहले के किसी भी दावे को भूतलक्षी (Retrospective) प्रभाव से स्वीकार नहीं किया जाएगा।
परमेश्वर प्रसाद जैसवाल समेत अन्य शिक्षक एलबी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मांग की थी कि उनकी पहली नियुक्ति से सेवाकाल जोड़कर पेंशन और अन्य लाभ दिए जाएं। अदालत ने सरकार को इस पर विचार करने को कहा था। सरकार ने सभी कानूनी और संवैधानिक पहलुओं की समीक्षा के बाद याचिकाकर्ताओं के अभ्यावेदन को अमान्य कर दिया और कहा कि पेंशन एवं अन्य लाभों की गणना केवल संविलियन तिथि से ही होगी।
Updated on:
02 Aug 2026 12:46 pm
Published on:
02 Aug 2026 12:45 pm
