LPG Cylinder: राजधानी में गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर लोगों में घबराहट खत्म नहीं हो रहा है। लोग पैनिक में आकर बुकिंग कर रहे हैं, जिसके चलते बुकिंग दो गुना तक बढ़ गई..
LPG Cylinder: ताबीर हुसैन. रायपुर में गैस सिलेंडर को लेकर इन दिनों पैनिक बुकिंग की स्थिति बन गई है। हालांकि गैस एजेंसियों का कहना है कि सिलेंडर की सप्लाई में किसी तरह की कोई कमी नहीं है, लेकिन अफवाहों के कारण लोग जरूरत से ज्यादा बुकिंग कर रहे हैं, जिससे व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।
सीजी इंडेन एलपीजी वितरक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास मरकाम ने बताया कि राजधानी में सभी गैस एजेंसियों की क्षमता और कोटा उनके लाइसेंस के अनुसार तय होता है। सप्लाई सामान्य है, लेकिन पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात की खबरों के बाद अफवाह फैल गई कि सिलेंडर की कमी हो जाएगी। इसी वजह से लोगों ने पैनिक बुकिंग शुरू कर दी और हालात यह हो गए कि औसत मांग की तुलना में बुकिंग दो गुना तक बढ़ गई।
स्थिति यह है कि जल्दी सिलेंडर पाने के चक्कर में कई लोग सीधे एजेंसी के गोडाउन तक पहुंच रहे हैं। इससे वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। वितरकों का कहना है कि न तो सिलेंडर की कोई कमी है और न ही कटौती की गई है, लेकिन अफवाहों ने कृत्रिम संकट की स्थिति बना दी है।
गैस कंपनियों के अधिकारियों के मुताबिक हर कंपनी का अपना मोबाइल ऐप है, जहां उपभोक्ता शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा गैस एजेंसी में भी संबंधित अधिकारियों के फोन नंबर लिखे होते हैं, जिन पर संपर्क कर शिकायत की जा सकती है।
इस मामले में इंडेन के छत्तीसगढ़ हेड और एचपी, बीपी, इंडेन के डीएलओ श्रीपाद बख्शी से संपर्क किया गया लेकिन उन्होंने प्रेस से बात करने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे अधिकृत व्यक्ति नहीं हैं इसलिए मीडिया को जवाब नहीं दे सकते। रिपोर्टर द्वारा सवाल व्हाट्सऐप पर भेजने की बात कहने पर उन्होंने पहले व्हाट्सऐप पर जवाब न देने की बात कही, फिर छुट्टी पर होने और गाड़ी चलाने का हवाला दिया।
बाद में उन्होंने कहा कि वे व्हाट्सऐप पर सवाल देखेंगे और जवाब देने योग्य हुआ तो जवाब देंगे लेकिन इसके बाद उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। बताया जा रहा है कि वे अगले महीने सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ऐसे समय में सिलेंडर संकट जैसी स्थिति पर उनका जवाब नहीं देना भी कई सवाल खड़े करता है।
सीजी इंडेन एलपीजी वितरक संघ, प्रदेश अध्यक्ष विकास मरकाम ने बताया कि असल में सिलेंडर की कमी नहीं है, बल्कि अफवाहों के कारण पैनिक बुकिंग बढऩे से कृत्रिम संकट की स्थिति बन गई है। अगर उपभोक्ता सामान्य तरीके से बुकिंग करें तो सप्लाई व्यवस्था पूरी तरह सामान्य रह सकती है।