रायपुर

New liquor Policy: अब रेस्टोरेंट वाले बेचेंगे शराब, लाइसेंस के लिए देनी होगी इतनी फीस, जानें क्यों उठाया ये कदम

New liquor Policy: रायपुर में अब रेस्टोरेंट और ढाबों में शराब मिलना शुरू हो गया है। नई शराब नीति के तहत रेस्टोरेंट और ढाबा वालों को भी शराब पिलाने की छूट दी जा रही है।

2 min read
Jan 30, 2025

New liquor Policy: रायपुर में अब रेस्टोरेंट और ढाबों में शराब मिलना शुरू हो गया है। नई शराब नीति के तहत रेस्टोरेंट और ढाबा वालों को भी शराब पिलाने की छूट दी जा रही है। उन्हें इसके लिए आबकारी विभाग से एफएल-2 ए का लाइसेंस लेना होगा। शहर के तीन रेस्टोरेंटों को आबकारी विभाग ने लाइसेंस जारी कर दिया है।

लाइसेंस लेने के बाद अब सामान्य रेस्टोरेंट होने के बाद भी वहां शराब पीने दिया जाएगा। हालांकि नई व्यवस्था से कानून व्यवस्था पर काफी असर पड़ेगा। नशे में धुत होकर मारपीट, गाली-गलौज जैसी घटनाएं बढ़ेगी। पुलिस के लिए यह बड़ी चुनौती है।

कई लोगों को है इंतजार

कई रेस्टोरेंट, ढाबा संचालक शराब पिलाने के लिए लाइसेंस लेने तैयार हैं। लाइसेंस अवधि मार्च 31 तक होती है, इस कारण कई लोग अभी पीछे हट रहे हैं। जिन होटल-ढाबा संचालकों ने लाइसेंस लिया है, उन्हें 31 मार्च के बाद रिन्यू कराना होगा। नगर निगम सीमा के आउटर के कई रेस्टोरेंट और ढाबे हैं, जहां अवैध रूप से शराब पिलाई जाती है।

शराब तस्करी ज्यादा

शहर के कई बारों में दूसरे राज्यों की शराब बिक रही है। दूसरे राज्यों में जो शराब काफी सस्ती है, उसे तस्करी के जरिए बारों में लाया जाता है। इसके बाद उसे अधिक दाम में बेचा जाता है। आबकारी विभाग का दावा है कि शराब की अवैध बिक्री रोकने के लिए रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों को लाइसेंस जारी किया जा रहा है।

आबादी के हिसाब से फीस

रेस्टोरेंट-ढाबों के लिए लाइसेंस फीस आबादी के हिसाब से दिया जा रहा है। इसके लिए वर्ष 2011 की जनगणना को आधार बनाया गया है। इसके तहत जो रेस्टोरेंट-ढाबा 3 लाख से अधिक आबादी वाले इलाके हैं, उसे लाइसेंस फीस के रूप में 31 लाख रुपए देना होगा। इसी तरह 1 से 3 लाख के बीच का 24 लाख और 1 लाख से कम आबादी वाले में 18 लाख रुपए की फीस लगेगी।

Updated on:
30 Jan 2025 07:11 am
Published on:
30 Jan 2025 07:10 am
Also Read
View All

अगली खबर