रायपुर

इस EXAM को पास कर लिए तो बल्ले-बल्ले, हर माह मिलेंगे 70 से 80 हजार रुपए

इस EXAM को पास कर लिए तो बल्ले-बल्ले, हर माह मिलेंगे 70 से 80 हजार रुपए

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Sep 27, 2018
इस EXAM को पास कर लिए तो बल्ले-बल्ले, हर माह मिलेंगे 70 से 80 हजार रुपए

रायपुर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इस योजना के तहत पात्रता रखने वाले छात्रों को 70 से 80 हजार रुपए हर माह स्कालरशिप मिलेगा हैं। इसके अलावा विदेश यात्रा से संबंधित खर्च सरकार द्वारा उठाया जाएगा। आपको बात दें कि वित्तमंत्री अरूण जेटली ने देश के इंजीनियरों के टैलेंट को निखारने के लिए इस योजना को बजट में लागू किया। जानिए क्या करना होगा आपको..

केंद्रीय कैबिनेट ने प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप (PMRF) को हरी झंडी दिखाते हुए देश के बीटेक इंजीनियरों को आईआईटी, आईआईएसईआर और एनआईटी में पीएचडी के लिए फेलोशिप दी जाएगी। इस योजना के तहत हर साल 1000 बेस्ट टैलंट को चुना जाएगा, जो आईआईटी और आईआईएससी में रिसर्च करेंगे। बता दें, उच्च शिक्षा संस्थान के छात्रों के लिए देश की यह अब तक की सबसे बड़ी स्कॉलरशिप होगी।

जो छात्र पीएमएफआर के तहत चुनें जाएंगे, उन इंजीनियर छात्रों को 70 हजार से 80 हजार रुपये की फेलोशिप दी जाएगी। फेलोशिप पाने वाले छात्र सीधे पीएचडी में दाखिला ले सकते हैं। पीएमएफआर पर सात साल में 1650 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसका ऐलान एक फरवरी को अपने बजट भाषण में इसका ऐलान किया था।

अब दिशानिर्देशों में किया संशोधन
प्रतिभा पलायन यानी ब्रेन ड्रेन रोकने के मकसद से शुरू की गई प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप (पीएमआरएफ) को और समावेशी बनाने के लिये मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इसके दिशानिर्देशों में संशोधन किया है।

ये है पूरा नियम
इसमें कहा गया है कि प्रत्येक फेलो को पड़ोस के आइटीआइ या पॉलिटेक्निक या इंजीनियरिंग कालेज में सप्ताह में एक बार पढ़ाना होगा जो सरकार द्वारा तय रूपरेखा के अनुरूप होगा। चयन प्रक्रिया में कहा गया है कि जरूरत पडऩे पर लिखित परीक्षा या चर्चा कराई जा सकती है। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय समन्वय समिति योजना को लागू करने की शीर्ष निकाय होगी और इसका गठन मानव संसाधन विकास मंत्रालय करेगा। लिखित परीक्षा लेने या चर्चा कराने के विषय पर निर्णय राष्ट्रीय समन्वय समिति करेगी ।

फेलोशिप अमाउंट
प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप योजना के तहत पात्रता मानदंड पूरा करने वाले छात्रों को पहले 2 वर्षों के लिए 70000 रुपए प्रति माह, तीसरे वर्ष के लिए 75000 रुपए प्रति माह तथा चौथे और 5वें वर्ष में 80000 रुपए प्रति माह की फेलोशिप प्रदान की जाएगी। इसके अलावा प्रत्येक अध्येता को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और सेमिनारों में शोध पत्र प्रस्तुत करने के लिए उनकी विदेश यात्रा से संबंधित खर्च को पूरा करने के लिए 5 वर्ष की अवधि के लिए 2 लाख रुपए का शोध अनुदान दिया जाएगा।

ये कर सकते हैं अप्लाई
संशोधित दिशानिर्देशों के अनुसार, अब मान्यता प्राप्त अन्य संस्थानों या विश्वविद्यालयों के पात्र छात्र भी आवेदन कर सकेंगे। इसमें बीटेक स्नातक पांच वर्ष के कोर्स पास या बीटेक अंतिम वर्ष के छात्र, पंचवर्षीय एमटेक इंटिग्रेटेड या विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संकाय से पंचवर्षीय इंटिग्रेटेड एमएससी या दो वर्षीय एमएससी के पात्र छात्र आवेदन कर सकेंगे।

इन उम्मीदवारों के लिये कम से कम 8 सीजीपीए या गेट परीक्षा के विषय में 750 अंक अनिवार्य होंगे। संशोधित मानदंडों के अनुसार, अब प्रत्येक विषय के लिये शीर्ष संस्थान के रूप में हिस्सा लेने वाले संस्थान की जगह एक मेजबान संस्थान जोड़ा गया है। इसमें कहा गया है कि सभी आइआइटी, आइआइएसइआर और आइआइएससी मेजबान संस्थान होंगे, जहां प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप प्राप्त करने वाले शोध या अध्ययन करेंगे।

छत्तीसगढ़ के इंजीनियरों में खुशी की लहर
रायपुर निवासी आलोक यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप योजना सरकार की अब तक सबसे बड़ी स्कालर शीप योजना है। यकीनन ही इससे देश के इंजीनियरिंग छात्रों का टैलेंट निखरेगा। और सबसे बड़ी वे अब अपने देश में ही रहकर रिसर्च करेंगे।

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Published on:
27 Sept 2018 05:43 pm
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