Raipur News: करीब 80-90 वर्ष पूर्व 32 एकड़ में शांति नगर में बनाई गई सिंचाई कॉलोनी के जर्जर मकानों को तीन वर्ष पहले नया आवासीय और कॉमर्शियल प्रोजेक्ट बनाने के लिए तोड़फोड़ किया गया था।
Chhattisgarh News: रायपुर। करीब 80-90 वर्ष पूर्व 32 एकड़ में शांति नगर में बनाई गई सिंचाई कॉलोनी के जर्जर मकानों को तीन वर्ष पहले नया आवासीय और कॉमर्शियल प्रोजेक्ट बनाने के लिए तोड़फोड़ किया गया था। इस कॉलोनी को तोड़ने के बाद निकलने वाले प्लॉट में सिंचाई विभाग को मकान बनाकर देने की बात कही थी। इसके बाद करीब 19 एकड़ जमीन बचेगी, जिसमें बोर्ड आम लोगों के लिए डुप्लेक्स बंगले और फ्लैट बनाएगा। लेकिन अभी तक किसी भी प्रकार से कोई भी निर्माण कार्य नहीं हो पाया है।
रहवासी बोले- मूलभूत सुविधाओं की कमी
शांति नगर के दुर्गा नगर में हमारा परिवार करीब 80-90 वर्षों से निवास कर रहा था। जब से हाउसिंग बोर्ड ने अधिग्रहण किया है, तब से हमें मूलभूत सुविधाएं नगर निगम से मिलनी बंद हो गई है, जिसके कारण हमें गंदगी के बीच रहना पड़ रहा है। - शांति बाई
पिछले तीन वर्षों से नई कॉलोनी बन रही है, बस सुन रहे हैं। मकान बनाने के स्थान पर अब पूरे शांति नगर क्षेत्र में मलबा व कचरा फेंकने का जगह बना दिया गया है। - माधुरी सोना
शांति नगर क्षेत्र में करीब 500 परिवार निवास करते थे, जिसमें से 157 परिवारों के मकान टूटने के बाद दुर्गा नगर में छोटा सा मकान बनाकर रह रहे है। - मालती जगत
मकान टूटने का मलबा तो उठा नहीं है, उपर से स्कूल के पास आधे शहर का कचरा लाकर फेंका जा रहा है, जिसके कारण गंदगी, बदबू व मच्छर से बहुत परेशानी होती है। - मीरा
असामाजिक तत्वों का बसेरा
शांति नगर गौरव गार्डन के तीरथगढ़ जलप्रपात की तर्ज पर बने वॉटरफाल को तोड़ने के बाद से खडंहर के रूप में तब्दील हो गई है। वहीं कई मकानों को आधा-अधूरा तोड़ा गया है, जिसमें शाम होते ही असामाजिक तत्वों का बसेरा हो जाता है।
स्थानीय पार्षद होने के कारण लोग मेरे पास अपनी समस्या लेकर आते हैं, जिसे लेकर वार्डवासी के साथ स्थानीय विधायक, कलेक्टर व निगम आयुक्त को ज्ञापन भी दे चुके हैं, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है। - कामरान अंसारी, पार्षद, लाल बहादुर शास्त्री वार्ड