रायपुर

निजी स्कूलों का असहयोग आंदोलन, RTE की प्रतिपूर्ति राशि नहीं बढ़ाने पर बढ़ा आक्रोश

Private School Protest: आरटीई की प्रतिपूर्ति राशि नहीं बढ़ाने पर निजी स्कूलों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ रहा है। एसोसिएशन बैठक में असहयोग आंदोलन का ऐलान किया है..

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Mar 01, 2026
निजी स्कूलों का असहयोग आंदोलन ( Photo - Patrika )

Private School Protest: छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक का आयोजन रविवार को किया गया था। बैठक में सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक स्कूल शिक्षा विभाग शिक्षा के अधिकार कानून के अंतर्गत प्रदान की जाने वाली प्रतिपूर्ति राशि नहीं बढ़ाता तब तक प्रदेश के समस्त स्कूल असहयोग आंदोलन करेंगे। असहयोग आंदोलन में स्कूल शिक्षा विभाग के किसी भी कार्य में प्रदेश के निजी स्कूल सहयोग नहीं करेंगे। इसमें स्कूल किसी पत्र, नोटिस, आदेश का जवाब नहीं देंगे।

Private School Protest: हाईकोर्ट में याचिका दायर

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि 13 वर्षों से शिक्षा के अधिकार कानून के तहत स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा निजी स्कूलों को दी जाने वाली प्रतिपूर्ति राशि को नहीं बढाने को लेकर उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिका दायर की गई थी। याचिका के आदेश में उच्च न्यायालय ने अपने अंतिम आदेश में 6 माह के भीतर मांगों पर निर्णय लेने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत खेद का विषय है की गरीब विद्यार्थियों की शिक्षा पर होने वाले व्यय पर स्कूल शिक्षा विभाग संवेदनहीन है और कोर्ट के आदेश की भी अनदेखी कर रहा है। यह आंदोलन प्रतिपूर्ति राशि हमारे निवेदन की गई राशि बढने तक जारी रहेगा।

राशि बढ़ाने और पिछले 3 वर्षों से प्रदान करने की मांग

संगठन ने स्कूल शिक्षा विभाग से शिक्षा के अधिकार कानून (आरटीई) के तहत स्कूलों को प्रदाय की जाने वाली प्रतिपूर्ति राशि राशि प्रति विद्यार्थी / प्रति वर्ष प्राथमिक कक्षाओं में 7000 से बढ़कर 18000, माध्यमिक की 11,500 से बढ़ाकर 22,000 एवम हाई और हायर सेकंडरी की अधिकतम सीमा को 15,000 से बढ़ाकर 25,000 तक किया जाए और बढ़ी हुई राशि पिछले 3 वर्षों से प्रदान की मांग की है।

Updated on:
01 Mar 2026 07:30 pm
Published on:
01 Mar 2026 07:28 pm
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