Rajya sabha Elections: 1994 में रायपुर नगर निगम के वार्ड क्रमांक 7 से पार्षद के रूप में राजनीति में कदम रखने वाली लक्ष्मी वर्मा को बीजेपी ने राज्य सभा उम्मीदवार बनाया है, आइए जानते हैं उनके बारे में..
Rajya Sabha Elections: स्थानीय राजनीति से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाली लक्ष्मी वर्मा ने पार्षद से लेकर राज्यसभा तक का सफर तय कर एक नई मिसाल कायम की है। उनका राजनीतिक जीवन जमीनी मुद्दों, सामाजिक सरोकारों और महिला सशक्तिकरण के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा है। उन्होंने वर्ष 1994 में रायपुर नगर निगम के वार्ड क्रमांक 7 से पार्षद के रूप में राजनीति में कदम रखा।
नगर की बुनियादी सुविधाओं, स्वच्छता और जल निकासी जैसी समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने क्षेत्र में सक्रिय जनप्रतिनिधि की पहचान बनाई। इसके बाद वर्ष 2010 से 2015 तक वे जिला पंचायत रायपुर की अध्यक्ष रहीं। वे लंबे समय तक कुर्मी समाज और विभिन्न महिला संगठनों से जुड़ी रहीं तथा समाज में शिक्षा, जागरुकता और अधिकारों के लिए सक्रिय भूमिका निभाती रहीं। संगठनात्मक स्तर पर भी उन्होंने विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं। भाजपा में सक्रिय सदस्य के रूप में उन्होंने महिला मोर्चा, जिला संगठन और प्रदेश स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिकाएं अदा कीं। उनके नेतृत्व और संगठन क्षमता को देखते हुए पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया।
बताया जाता है कि दावेदारों के शुरुआती पैनल में लक्ष्मी वर्मा, नारायण चंदेल, सरोज पांडेय, भूपेंद्र सवन्नी, किरण बघेल, डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी और निर्मल का नाम शामिल था। विचार-विमर्श के बाद तीन नाम शॉर्टलिस्ट किए गए थे। पार्टी के अदंर लंबे समय से इस बात की चर्चा चल रही थी कि, इस बार राज्यसभा के लिए संगठन और सामाजिक समीकरण के साथ ही मातृशक्ति को मौका दिया जाए। पार्टी नेतृत्व ने संगठनात्मक अनुभव, सामाजिक समीकरण और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया। लक्ष्मी वर्मा लंबे समय से पार्टी की सक्रिय कार्यकर्ता रही हैं और विभिन्न दायित्वों का निर्वहन कर चुकी हैं। साथ ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी लक्ष्मी वर्मा के नाम पर अपनी सहमति दी थी।
लक्ष्मी वर्मा प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में 5 मार्च को अपना नामांकन दाखिल करेंगी। वहीं, कांग्रेस ने अभी अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं की है। मंगलवार की शाम दिल्ली के पार्टी के नेताओं की बैठक के बाद प्रत्याशी के नाम की घोषणा की जाएगी।