Corona Vaccination in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में 20 सितंबर को रेकॉर्ड 4.29 लाख डोज लगे और 10 दिनों तक रोजाना 2 लाख से अधिक लोग टीकाकरण केंद्रों तक पहुंचे। मगर, अब टीकाकरण की रफ्तार प्रभावित होनी शुरू हो गई है।
रायपुर. Corona Vaccination in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में 20 सितंबर को रेकॉर्ड 4.29 लाख डोज लगे और 10 दिनों तक रोजाना 2 लाख से अधिक लोग टीकाकरण केंद्रों तक पहुंचे। मगर, अब टीकाकरण की रफ्तार प्रभावित होनी शुरू हो गई है। क्योंकि सितंबर में केंद्र सरकार द्वारा राज्य को आबंटित पूरे 35.50 लाख डोज मिल चुके हैं। अब जिलों में 5 लाख से भी कम डोज बचे हैं, जो 2-3 दिन के लिए हैं। उधर, वैक्सीन के साथ-साथ अब सीरिंज का संकट भी खड़ा हो गया है।
'पत्रिका' पड़ताल में सामने आया कि जिन जिलों में वैक्सीन उपलब्ध हैं, उन जिलों में सीरिंज खत्म हो रही है और जिन जिलों में सीरिंज है, वहां वैक्सीन कम है। वैक्सीन, सीरिंज की इसी कमी के चलते राज्य सरकार ने केंद्र को 50 लाख वैक्सीन डोज उपलब्ध करवाने के लिए पत्र लिखा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्य सचिव द्वारा शनिवार को यह पत्र भेज गया है। मगर, वैक्सीन मिलना मुश्किल है क्योंकि अब तक किसी भी राज्य को आबंटन के अतिरिक्त वैक्सीन सप्लाई नहीं हुई है।
सीरिंज भी केंद्र देता है, क्योंकि इसकी कई खासियतें हैं
सीरिंज टीकाकरण में सबसे अहम है। इस सीरिंज को कुछ इस प्रकार से बनाया गया है कि एक बार यूज होने के बाद यह स्वयं से नष्ट हो जाती है, यानी इस्तेमाल नहीं हो सकता। दूसरा सीरिंज में 0.5 एमएल से ज्यादा वैक्सीन आती ही नहीं है। इसे टीकाकरण के लिए 100 प्रतिशत सुरक्षित माना है। यह सप्लाई केंद्र से होती है। राज्य सरकारें सीरिंज नहीं खरीद सकती हैं।
50 लाख लोगों को लगी दोनों डोज
रविवार को दोनों डोज लगवाने वालों का आंकड़ा 50 लाख के पार जा पहुंचा। उधर, कोरोना की पहली और दूसरी लहर में 45 से अधिक आयुवर्ग वाले लोग सर्वाधिक संक्रमित हुए तो सबसे ज्यादा मौतें आयुवर्ग के लोगों की हुई। यही वजह है कि कोरोना टीकाकरण के प्रति इनमें खासी जागरुकता दिखी है। अब तक इस आयुवर्ग के 82 प्रतिशत लोगों को पहली और 49 प्रतिशत को दूसरी, इसी तरह 18 से 45 आयुवर्ग के 56 प्रतिशत नागरिकों को पहली, 24 प्रतिशत को दोनों डोज लग गईं।
36 लाख लोग सेकंड डोज से चूके
छत्तीसगढ़ के 36 लाख लोग ऐसे हैं जिन्हें कोरोना की दूसरी डोज समय पर नहीं लग सकी है। यह आंकड़ा देश में सर्वाधिक है। यही राज्य के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय है। क्योंकि जहां 65 प्रतिशत को पहली डोज लगी तो सिर्फ 25 प्रतिशत को दूसरी डोज लग पाई है, दोनों के 40 प्रतिशत का अंतर है। इनमें कोविशील्ड लगवाने वालों की संख्या सर्वाधिक है, क्योंकि इस वैक्सीन में फस्र्ट डोज से सेकंड डोज के बीच का अंतर 12 से 16 हफ्तों का है।
स्वास्थ्य विभाग के राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. वीआर भगत ने कहा, वैक्सीन खत्म हो रही हैं, केंद्र सरकार से अतिरिक्त वैक्सीन की मांग की गई है ताकि टीकाकरण प्रभावित न हो। अभी तकरीबन 5 लाख बची हैं।