Student union elections: छत्तीसगढ़ में छात्र राजनीति को खत्म ही करने की तैयारी है। यही वजह है कि पिछले 6 साल से छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं। इस वर्ष भी इसके आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
Student union elections: दिल्ली विश्वविद्यालय में कल छात्रसंघ चुनाव होने जा रहा है। दूसरी ओर छत्तीसगढ़ में छात्र राजनीति को खत्म ही करने की तैयारी है। यही वजह है कि पिछले 6 साल से छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं। इस वर्ष भी इसके आसार नजर नहीं आ रहे हैं। छात्रसंघ चुनाव नहीं होने से छात्रों को लीडरशीप करने का मौका नहीं मिल रहा है।
प्रदेश के राजनीतिक दलों ने अपने-अपने छात्र संगठन बना रखे हैं और उनके पदाधिकारी भी नियुक्त कर रखे हैं। चुनाव नहीं होने के लेकर छात्र संगठनों में भी नाराजगी है। उनका कहना है कि चुनाव नहीं होने से नए लीडर तैयार नहीं हो पा रहे हैं। इससे छात्रहित पर भी असर पड़ रहा है। इससे विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रबंधनों की मनमानी का सामना करना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि 2017 से प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं। चुनाव के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन पुरजोर कोशिश कर चुके हैं। अब तक छात्रसंघ चुनाव के लिए सकारात्मक पहल नहीं हुई है। छात्रों का कहना था कि मौजूदा सांसद, विधायक, मंत्री खुद नहीं चाहते कि चुनाव हो। इससे उनको ही नुकसान है। छात्र नेता तैयार हुए तो आगे चलकर टिकट की दावेदारी करेंगे। ऐसे में उनकी कुर्सी पर संकट खड़ा हो जाएगा।
23 अगस्त 2017 को सरकार ने लिंगदोह कमेटी की रिपोर्ट को आधार बनाते हुए छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगा दी थी। सरकार ने कुलपतियों की उस रिपोर्ट का भी हवाला दिया था, जिसमें कुलपतियों द्वारा चुनाव से शिक्षण संस्थाओं का माहौल खराब होने की बात कही गई थी। साथ ही कहा था कि इससे पढ़ाई प्रभावित होती है। सरकार ने कुलपतियों से कहा कि वे मनोनयन प्रक्रिया से छात्र प्रतिनिधियों का चयन करें। इसके बाद से प्रदेश के कॉलेजों में मनोनयन पद्धति से छात्रसंघ के पदाधिकारी चुने जा रहे हैं। इसमें मेरीटोरिस छात्र-छात्राओं को प्रतिनिधित्व मिल रहा है।
एबीवीपी प्रदेश मंत्री यज्ञदत्त वर्मा ने कहा हम चाहते हैं कि इस साल से ही छात्रसंघ चुनाव की शुरुआत हो जाए। इसके लिए हमने जिला स्तर पर कलेक्टर के नाम ज्ञापन भी दिया है। इतना ही नहीं सीएम से भी गुहार लगाई है।
एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे ने कहा छात्र संघ चुनाव हर हाल में होने चाहिए। चुनाव नहीं होने से विवि और कॉलेज प्रबंधन मनमानी करते हैं। छात्रों की कोई सुनने वाला नहीं होता।