
रायपुर. छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े अंबेडकर अस्पताल में एक लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां वक्त पर इलाज नहीं मिलने कारण अस्पताल के गेट पर शनिवार को एक स्वाइन फ्लू के मरीज ने तड़पकर दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि मरीज का सर्दी, खांसी, बुखार सहित श्वास लेने में तकलीफ के चलते 12 दिन पहले एक निजी अस्पताल में उपचार कराया जा रहा था।
अम्बेडकर अस्पताल की सामने आई लापरवाही
स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद दोपहर 1 बजे अंबेडकर अस्पताल रेफर किया गया। परिजनों ने बताया, मिन्नतें करने के बावजूद मरीज को अस्पताल स्टॉफ ने भर्ती नहीं किया गया। स्वाइन फ्लू से पीडि़त सेरीखेड़ी निवासी 44 वर्षीय मरीज को उसके परिजन डेढ़ बजे के करीब अंबेडकर अस्पताल ले आए थे। वहीं, अंबेडकर अस्पताल में रायपुर की 45 वर्षीय स्वाइन फ्लू की एक अन्य संदिग्ध महिला को भर्ती किया गया है।
अंबेडकर अस्पताल की पीआरओ शुभ्रा सिंह ठाकुर ने बताया कि अस्पताल में स्वाइन फ्लू से संबंधित सभी मरीजों की जांच व उपचार किया जाता है। अस्पताल परिसर में किसी मरीज की मौत होने संबंधी जानकारी नहीं है।
क्या है स्वाइन फ्लू
स्वाइन फ्लू बुखार जिसे एच1एन1 के नाम के भी जाना जाता है, खासतौर से सूअरों के श्वसन तंत्र से निकले वायरस के कारण होता है जिसकी चपेट में आने पर कोई भी इस एंफ्लुएंजा का शिकार हो सकता है। इससे बचने के लिए इसकी पहचान करना आवश्यक है।
स्वाइन फ्लू के ये हैं लक्षण
स्वाइन फ्लू से डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि कुछ खास लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टरों से परामर्श करना चाहिए। स्वाइन फ्लू के लक्षण भी सामान्य एन्फ्लूएंजा के लक्षणों की तरह ही होते हैं, जो इस प्रकार हैं -
1 बुखार
2 तेज ठंड लगना
3 गला खराब हो जाना
4 मांसपेशियों में दर्द होना
5 तेज सिरदर्द होना,
6 खांसी आना
7 कमजोरी महसूस करना आदि लक्षण इस बीमारी के दौरान उभरते हैं।