आजकल हर कोई नॉनवेज खाने का शौकिन होता है पर क्या आप ये जानते है कि यह शौक हमारे लिए जानलेवा भी हो सकता है
रायपुर. नॉनवेज खाने वालों की पहली पसंद होती है चिकन। अगर आप भी नॉनवेज खाते हैं तो आपकी भी पहली पसंद चिकन ही होगी। हेल्थ के नजरिए से भी देखा जाए तो चिकन में पोषक तत्व होते हैं इसे सेहत के लिए भी अच्छा माना गया है। पर क्या आप ये जानते है कि मानसून के वक्त लोगों को सबसे ज्यादा बीमारी चिकन से ही होती है।
जी हां, साइंस ने भी यह बात मानी है कि बारिश के वक्त चिकन में सबसे ज्यादा बीमारीयां फैलती हैं। इस सीजन में मुर्गियां खाने से सबसे ज्यादा बीमारीयां फैलने का डर होता है क्योकि बारिश आते ही मुर्गियों में बैक्टीरिया की मात्रा बढ़ जाती है। जिससे कई तरह की बीमारीयां फैल सकती है।
चिकन खाते वक्त हम ये कभी नही सोचते कि इससे हमें कितनी सारी बीमारीयां हो सकती है। स्वाइन फ्लू और बर्ड फ्लू का नाम तो सबने सुना होगा। बर्ड फ्लू के इंसानों में पहुंचने का सबसे बड़ा कारण मुर्गीयां ही थी। मुर्गीयों की अलग- अलग प्रजातियों से ही यह बीमारी इंसानों में फैली थी। स्वाइन फ्लू के फैलने का कारण भी पक्षीयों का बैक्टिरीया ही था।
हर जानवर या पक्षीयों में अलग- अलग प्रकार के बैक्टिरीया या वायरस पाया जाता है। जानवरों या पक्षीयों के संपर्क में होने से यह वायरस हम तक फैलने का डर भी होता है पर क्या आप ये जानते हैंं कि सबसे ज्यादा वायरस किस जानवर या पक्षी में होता है ? मुर्गीयों में सबसे ज्यादा वायसर या बैक्टिरीया पाए जाते है।
मुर्गीयों को जल्दी बड़ा करने के लिए ऑक्सीटोसिन के इंजेक्शन देते हैं जिसका मांस खाने से लोगों में जानलेवा बैक्टिरीया फैलता है। इसके अलावा मुर्गीयों को अर्सेनिक भी खिलाया जाता है, जो इंसान की शरीर के लिए जहरीला माना जाता है इसके सेवन से हमें कैंसर, मनोभंष, अस्थमा जैसी बीमारीयां हो सकती है।
मुर्गीयों से बीमारी फैलने का एक कारण स्वच्छता भी है। हम अगर मुर्गीयां घर में बनाते है तो जिस दुकान से हम मुर्गीयां खरीदते हैं वहां पोल्ट्री फॉर्म में स्वच्छता नही होती। इससे मुर्गीयों में बीमारी फैलती है उसके बाद मुर्गीयों से यह बीमारी हममें फैलती है। अगर हम चिकन खाने बाहर जाते हैं तो वहां भी मुर्गीयों को रखने के स्थान की स्वच्छता नही होती है।