मशीन की लागत लगभग 17 हजार रुपए है और इसे नागपुर से लाया गया है। इसमें 100 थैले रखे जा सकते हैं। 10 का सिक्का डालने पर एक बैग निकलेगा। इसकी शुरुआत मैंने गजानन मंदिर से इसलिए की,
अब तक आपने वाटर और कैश एटीएम देखा होगा लेकिन राजधानी में पहली बार कपड़े के थैली उगलने वाली एटीमए लगाई गई है। शनिवार को इस एटीएम का उद्घाटन तात्यापारा स्थितगजानन मंदिर में हुआ। 100 से ज्यादा रेकॉर्ड बना चुकी शुभांगी आप्टे ने बताया, मशीन की लागत लगभग 17 हजार रुपए है और इसे नागपुर से लाया गया है। इसमें 100 थैले रखे जा सकते हैं। 10 का सिक्का डालने पर एक बैग निकलेगा। इसकी शुरुआत मैंने गजानन मंदिर से इसलिए की, क्योंकि कपड़ों के थैले वितरण और लिम्का बुक रेकॉर्ड के लिए इसी मंदिर से काम शुरू किया था। अगली मशीन सिरपुर में लगाई जाएगी।
दुबई से बेटा बोला, मम्मी 11 मशीन मेरी तरफ से
शुभांगी ने बताया, एटीएम वाली बात जब दुबई में जॉब कर रहे बेटे को पता चली तो वह बहुत खुश हुआ। उसने मुझसे कहा कि मम्मी आप पर्यावरण के क्षेत्र में लम्बे समय से काम कर रही हैं, एटीएम लाकर आपने नई लकीर खींच दी है। मैं अपनी तरफ से 11 मशीन रायपुर के लिए भेजूंगा।
वीडियो कॉल से सुधारी टेक्निकल प्रॉब्लम
बैग एटीएम के उद्घाटन के कुछ देर बाद ही मशीन में टेक्निकल प्रॉब्लम आ गई। इसे सुधारने का प्रयास किया गया लेकिन सुधार नहीं हो पाया तो नागपुर में बैठे एक्सपर्ट को वीडियो कॉल की गई। एक्सपर्ट ने वीडियो कॉल में ही दिक्कत को समझा और समाधान बताया।
हर देशवासी निभाए अपने हिस्से की जिम्मेदारी
उद्घाटन मौके पर पर्यटन विभाग से महेंद्र दुबे, महाराष्ट्र मंडल से अजय काले और समाजसेवी लक्ष्मीनारायण लाहौटी ने कहा कि हमें हर काम के लिए सरकार से अपेक्षा नहीं करनी चाहिए। अपने स्तर पर भी प्रयास किए जा सकते हैं। शुभांगी ताई का यह प्रयास इसी का उदाहरण है। 70 साल की उम्र में उन्होंने आज के नौजवानों को सीख दी है कि प्रत्येक देशवासी हो अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।