सेंसर नहीं लगने से अंडर ग्राउंड डस्टबिन सिस्टम नहीं हुआ शुरू
रायपुर . स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा शहर में स्मार्ट वर्क के लिए नई-नई कवायद शुरू की जा रही है। दो माह पहले शहर के प्रमुख चौराहों, नुक्कड़ों और कचरा डंप होने वाले जगहों पर अंडर ग्राउंड डस्टबिन लगाए गए हैं, लेकिन अभी तक एक भी डस्टबिन शुरू नहीं हुआ है।
स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा करीब 40 जगहों पर डस्टबिन लगाए गए है। डस्टबिन को सेंसर सिस्टम से लिंक नहीं करने के करने के कारण अभी तक शुरू नहीं हुआ है। वहीं, डस्टबिन में कचरा भरने पर उसे निकालने के लिए सिर्फ एक ही गाड़ी आ पाई है। वह भी दो माह बाद यानी सोमवार को। फिलहाल एक ट्रक से सभी जगहों के डस्टबिन से कचरा परिवहन करने का प्लान है। स्मार्ट सिटी के अधिकारियों के अनुसार अप्रैल के अंतिम सप्ताह में अंडर ग्राउंड डस्टबिन काम करना शुरू कर देगा।
स्मार्ट सिटी ने अंडर ग्राउंड डस्टबिन लगाने की पहल तो अच्छी की है, लेकिन इसके इम्प्लीमेंट करने में हमेशा देर होती है। अंडर ग्राउंड डस्टबिन शुरू होने से सडक़ किनारे जगह-जगह कचरा नहीं दिखेगा। सफाई कर्मी कचरे को एकत्रित कर अंडर ग्राउंड डस्टबिन में हर दिन डालेंगे। आसपास के घरों-दुकानों के लोग भी अपना कचरा डस्टबिन में ही डालेंगे। इससे खुले कचरा फैला नहीं मिलेगा।
स्मार्ट सिटी कंपनी ने अंडर ग्राउंड डस्टबिन लगाने और उसके मेंटनेंस का ठेका बेंगलुरू की कंपनी को दिया है। पांच साल तक कंपनी को निगम कुल 4 करोड़ रुपए का भुगतान करेगी। जिसमें दो करोड़ रुपए इंस्टालेशन और दो करोड़ रुपए मेंटनेंस का है। इसके बाद कंपनी स्मार्ट सिटी कंपनी को हैंडओवर करेगी। फिर इसका संचालन स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा किया जाएगा। यदि प्रयोग सफल रहा, तो शहर में ओपन डस्टबिन की जगह अंडर ग्राउंड डस्टबिन लगाए जाएंगे।
स्मार्ट सिटी कंपनी के इइ प्रमोद भास्कर ने कहा कि शहर में करीब 50 जगहों पर अंडरग्राउंड डस्टबिन लगाए जाएंगे। ठेका कंपनी द्वारा अंडर ग्राउंड डस्टबिन में सेंसर लगाने का काम किया जा रहा है। कचरा परिवहन वाली गाड़ी भी आ गई है। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में अंडर ग्राउंड डस्टबिन शुरू हो जाएगा।