रायपुर

धान खरीदी पर सदन में हंगामा! लखमा का सवाल- जिन किसानों का धान नहीं खरीदा, उनका कर्ज कौन भरेगा?

CG Vidhan Sabha: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार को धान खरीदी का मुद्दा जोरदार तरीके से गूंजा। कांग्रेस विधायकों ने किसानों से धान खरीदी को लेकर सरकार को घेरते हुए खाद्य मंत्री दयालदास बघेल से कई सवाल किए।
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Mar 09, 2026
धान खरीदी पर सदन में हंगामा! लखमा का सवाल- जिन किसानों का धान नहीं खरीदा, उनका कर्ज कौन भरेगा?(photo-patrika)
धान खरीदी पर सदन में हंगामा! लखमा का सवाल- जिन किसानों का धान नहीं खरीदा, उनका कर्ज कौन भरेगा?(photo-patrika)

CG Vidhan Sabha: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार को धान खरीदी का मुद्दा जोरदार तरीके से गूंजा। कांग्रेस विधायकों ने किसानों से धान खरीदी को लेकर सरकार को घेरते हुए खाद्य मंत्री दयालदास बघेल से कई सवाल किए। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन में नारेबाजी करते हुए वॉकआउट कर दिया।

CG Vidhan Sabha: प्रश्नकाल में उठा धान खरीदी का मुद्दा

प्रश्नकाल के दौरान विधायक लखेश्वर बघेल ने वर्ष 2025-26 में हुई धान खरीदी और उसके उठाव को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दी गई जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि धान खरीदी कब शुरू हुई और किसानों को भुगतान किस्तों में कब किया गया।

इस पर जवाब देते हुए मंत्री दयालदास बघेल ने बताया कि बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों में धान का उठाव किया गया है। उनके अनुसार बीजापुर में 21,888.59 मीट्रिक टन, दंतेवाड़ा में 9,757 मीट्रिक टन, कांकेर में 1,47,528.3 मीट्रिक टन, कोंडागांव में 58,911.78 मीट्रिक टन, नारायणपुर में 17,383.06 मीट्रिक टन और सुकमा में 16,608.14 मीट्रिक टन धान का उठाव हुआ है।

धान खरीदी में गड़बड़ी का आरोप

विधायक लखेश्वर बघेल ने कहा कि किसान अपनी समस्या लेकर लगातार एसडीएम कार्यालय और अन्य दफ्तरों के चक्कर काटते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि धान खरीदी में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हो रही है। किसी जगह पानी डालने तो कहीं अन्य अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि कितने किसानों को वनाधिकार पट्टा जारी हुआ है और उनमें से कितने किसान ऋणधारी हैं।

भूपेश बघेल ने भी सरकार को घेरा

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस मुद्दे पर सरकार से सवाल किया। उन्होंने पूछा कि बस्तर में कितने ऐसे किसान हैं जिनका दूसरा टोकन कटा, लेकिन वे धान नहीं बेच सके। साथ ही उन्होंने पूछा कि ऐसे कितने ऋणी किसान हैं जिनका टोकन कटने के बाद भी धान नहीं खरीदा गया। इसके जवाब में मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय भी ऋणी किसानों का धान नहीं खरीदा गया था।

लखमा का सवाल- किसानों का कर्ज कौन पटाएगा?

पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने बस्तर संभाग के आदिवासी किसानों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि 32,200 से अधिक किसानों से धान खरीदी नहीं की गई। उन्होंने सवाल किया कि इन किसानों को धान का करीब 206 करोड़ रुपए मिलना था, ऐसे में अब इन किसानों का क्या होगा। लखमा ने कहा कि कई किसानों का पंजीयन हुआ, टोकन भी कटे, लेकिन इसके बाद भी उनका धान नहीं खरीदा गया। ऐसे में जिन किसानों ने कर्ज लिया है, उनका कर्ज कौन पटाएगा।

मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष का वॉकआउट

खाद्य मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि जिन किसानों ने धान खरीदी केंद्र तक धान पहुंचाया, उनका धान खरीदा गया है। जो किसान केंद्र तक धान नहीं लाए, उनसे खरीदी नहीं हो सकी। हालांकि मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया और नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। धान खरीदी के मुद्दे पर सदन में तीखी बहस देखने को मिली।

Updated on:
09 Mar 2026 01:20 pm
Published on:
09 Mar 2026 01:20 pm