राजगढ़

Rajgarh : अपनी छोटी सी प्रतिमा विसर्जित करने आई 8 साल की मासूम, सहेलियां घर लौट आईं पर वो नहीं लौटी

Durga Idol Immersion : दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान 8 साल की बालिका की तालाब में डूबने से मौत हो गई। सहेली के साथ गांव के तालाब पर अपनी छोटी से प्रतिमा विसर्जन करने आई थी पायल। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की।
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Durga Idol Immersion
परिजन के बयान दर्ज कराती पुलिस (फोटो सोर्स: Patrika)

Rajgarh News :मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले कालीपीठ थाना इलाके के लहरची गांव में मंगलवार को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान तालाब में डूबने से 8 साल की बालिका की मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम छा गया। बताया जा रहा है कि, हादसे उस समय हुआ, मासूम बच्ची पायल अपनी सहेलियों के साथ गांव के तालाब पर अपनी छोटी से दुर्गा प्रर्तिमा विसर्जन करने गई थी। इसी दौरान तालाब किनारे पैर फिसलने पर वो तालाब में जा गिरी। जबतक उसे बाहर निकाला गया, तबतक उसकी मौत हो चुकी थी।

बताया जा रहा है कि, लहरची में रहने वाले कंवरलाल सौंधिया की बेटी पायल मंगलवार सुबह करीब 10 बजे अपनी सहेलियों के साथ दुर्गा माता की प्रतिमा विसर्जित करने गांव के तालाब पर गई थी। विसर्जन के दौरान अचानक वो तालाब में डूब गई। आशंका जताई जा रही है कि, पैर फिसलने या संतुलन बिगड़ने से बालिका पानी में चली गई। घटना की सूचना मिलने पर कालीपीठ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गौताखोरों की सहायता से बालिका को रेस्क्यू कर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फिलहाल, पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

दो घंटे चली तलाश, तालाब में मिली मासूम

परिजन के बयान दर्ज कराती पुलिस (फोटो सोर्स: Patrika)

पायल गांव के पास बने पोखर में छोटी सी दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन करने सहेलियों के साथ गई थी। उसके साथ गई उसकी सभी सहेलियां तो विसर्जन के बाद गांव लौट आई, लेकिन पायल घर नहीं पहुंची। काफी समय तक पायल के घर न लौटने पर परिजन ने उसकी तलाश शुरु की। पहले गांव में ही उसकी खोजबीन की गई। इसके बाद परिवार के साथ साथ गांव के लोग विसर्जन स्थल पर पहुंचे। करीब डेढ़ से दो घंटे बाद पायल तालाब में मिली। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

विसर्जन स्थल से अलग स्थान पर चले गए थे बच्चे- पुलिस

बताया जा रहा है कि, हादसे में जान गवाने वाली पायल पांच भाई-बहनों में चौथे नंबर की बहन थी। उसके पिता खेती-किसानी करते हैं। कालीपीठ थाना पुलिस का कहना है कि, हमने चिह्नित स्थान विसर्जन के लिए बना रखा है, लेकिन वहां पर प्रतिमाएं लाने के बजाए स्थानीय पोखर पर बच्चे ले गए, स्थानीय स्तर पर इसका ध्यान रखा जाना चाहिए, ताकि बच्चे भूलवश भी उस स्थान पर न जाएं।

विसर्जन स्थलों पर सतर्कता जरूरी

प्रतिमा विसर्जन के दौरान तालाबों और अन्य जलस्रोतों पर गहराई, फिसलन और भीड़ के बीच दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ऐसे में विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा इंतजाम, लोगों की निगरानी और बच्चों को पानी के किनारे अकेले नहीं जाने देने जैसी सावधानियां जरूरी है। इसे लेकर प्रशासन और पुलिस आगाह करता है, लेकिन सतर्कता स्वयं की बेहद जरूरी है।

Updated on:
20 Oct 2026 05:51 pm
Published on:
20 Oct 2026 05:51 pm