
ओम पुष्पद की रिपोर्ट
Sarangpur Sitafal Season: मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के सारंगपुर के सीताफल की मिठास अब शहर की सीमाओं से निकलकर देश के कई शहरों तक पहुंच रही है। राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न क्षेत्रों में यहां के सीताफलों की मांग रहती है। सीजन शुरू होते ही फल की तुड़ाई, छंटाई और पैकिंग का काम भी गति पकड़ने लगता है, जिससे स्थानीय स्तर पर कई परिवारों को रोजगार मिलता है। शाही जामा मस्जिद अंजुमन कमेटी के आधिपत्य वाली मियांजन खां की सीताफल राड़ी (बगीचे) में इस वर्ष लगे फलों की विधिवत नीलामी की गई। सारंगपुर के व्यापारी आबिद अंसारी ने इस साल के फल खरीदे हैं।
सहायक मुस्ताक अंसारी ने बताया कि शहर में सीताफल का सीजन करीब 10 दिन पहले शुरू हुआ है, जो लगभग एक माह तक चलेगा। इस दौरान स्थानीय लोग स्वाद लेने के साथ अपने रिश्तेदारों को भी सीताफल भेजते हैं। इसके लिए बड़ी संख्या में फलों की पैकिंग कर बाहर भेजने की व्यवस्था की जाती है। सीजन के दौरान राड़ी से फल तोड़ने के काम में करीब 30 मजदूर जुटते हैं, जबकि 10 से 15 लोग पैकिंग में लगे रहते हैं। इस तरह सीताफल की आवक से स्थानीय स्तर पर मौसमी रोजगार भी मिलता है।
वरिष्ठ व्यापारी आबिद अंसारी ने बताया कि नीलामी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस वर्ष राड़ी के फल उन्हें मिले हैं। अब बड़ी संख्या में सीताफल बाजार तक पहुंचाने का काम शुरू कर दिया गया है। अंजुमन इस्लाम कमेटी, सारंगपुर के सदर एमए अलीम बाबा ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी मियांजन खां की राड़ी में लगे फलों की बोली लगाई गई। सबसे अधिक बोली लगाने वाले आबिद अंसारी को इस वर्ष के फल दिए गए हैं। उनके अनुसार, इस बार राड़ी में फलों की पैदावार अच्छी रही है।