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‘आशीष शर्मा के बलिदान से MP पुलिस ने लिया संकल्प’, 29 साल की उम्र में नक्सली हमले में हुए थे शहीद

Police Smriti Diwas: पुलिस स्मृति दिवस पर डीजीपी कैलाश मकवाना ने शहीद इंस्पेक्टर आशीष शर्मा को किया याद, प्रदेश के 9 शहीद पुलिस अधिकारियों और जवानों को दी श्रद्धांजलि।
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MP Police Smriti Diwas

MP Police Smriti Diwas, स्मृति दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि देते सीएम मोहन यादव और डीजीपी कैलाश मकवाना (Source-CM Mohan Yadav Facebook Page)

MP Police Smriti Diwas: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस स्मृति दिवस पर लाल परेड मैदान में शहीद स्मारक पर पुलिस स्मृति दिवस परेड का आयोजन किया गया। इस दौरान सीएम मोहन यादव ने परेड की सलामी ली और प्रदेश के 9 शहीद पुलिस अधिकारियों व जवानों को श्रद्धांजलि दी। स्मृति दिवस मध्यप्रदेश पुलिस के डीजीपी कैलाश मकवाना शहीद इंस्पेक्टर आशीष शर्मा को याद करते हुए कहा कि हॉक फोर्स में पदस्थ इंस्पेक्टर आशीष शर्मा के बलिदान के बाद पुलिस ने संकल्प लिया और एक महीने के भीतर प्रदेश को नक्सल मुक्त कराया।

पुलिसकर्मियों के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता- सीएम

इस दौरान सीएम मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश ने नक्सलवाद जैसी चुनौती का पुलिस जवानों ने न केवल मुकाबला किया, बल्कि उस पर सफलता के साथ विजय भी प्राप्त की। यह कठिन दौर था और नक्सलियों से निपटना बड़ी चुनौती थी, लेकिन प्रदेश के जांबाज जवानों ने अपने साहस से प्रदेश को गौरवान्वित किया। इस चुनौती का सामना करने में पुलिस बल के जवानों को अपनी जान की कीमत भी चुकानी पड़ी। पुलिसकर्मियों के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता। सीएम ने कहा कि नक्सलवाद जैसी चुनौती से पार पाना प्रदेश के लिए गौरव की बात है।

जवानों ने पूरी ताकत से नक्सली को खत्म किया- डीजीपी

डीजीपी कैलाश मकवाना ने आशीष शर्मा के बलिदान के साथ ही स्पेशल डीजी सीआईडी पंकज श्रीवास्तव और भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब नक्सल मुक्त प्रदेश बनाने के लिए ऑपरेशन शुरू हुआ तब एडीजी पंकज श्रीवास्तव को एंटी नक्सल ऑपरेशन की कमान दी गई। संजय कुमार बालाघाट के आईजी थे। इन दोनों अफसरों ने भी प्रदेश को नक्लस मुक्त करने में अहम भूमिका निभाई। इनके साथ हमारे जवानों ने भी पूरी ताकत और संकल्प के साथ नक्सल समस्या को समाप्त कर दिया।

नरसिंहपुर के रहने वाले थे शहीद इंस्पेक्टर आशीष शर्मा

मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के रहने वाले आशीष शर्मा हॉक फोर्स में इंस्पेक्टर के पद पर पदस्थ थे। 19 नवंबर को वो छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र की बॉर्डर पर टीम का नेतृत्व कर रहे थे। इसी दौरान नक्सली हमले में सीने, पेट और पैर में गोली लगने के कारण वो वीरगति को प्राप्त हुए थे। साथियों के मुताबिक आशीष शर्मा निडर और जाबांज ऑफिसर थे जिन्होंने डटकर नक्सलियों का सामना किया। बता दें कि इंस्पेक्टर आशीष को उनकी वीरता के लिए दो बार वीर पदक से सम्मानित किया जा चुका था।