राज्य सरकार ने राजसमंद और ब्यावर जिले के लिए एक मोबाइल फूड टेस्टिंग लेब अलॉट की थी। यह 15-15 दिन दोनों स्थानों पर संचालित होती थी, लेकिन गत दिनों ब्यावर से आते समय टेस्टिंग लैब पलट कर क्षतिग्रस्त हो गई। इससे टेस्टिंग का काम पूरी तरह से बंद हो गया है।
राजसमंद. जिले में फूड टेस्टिंग लैब के पहिए एक बार फिर से थम गए हैं। ब्यावर से आते समय गत दिनों पशु के सामने आ जाने से पलट गई। इससे इसके अंदर लगी मशीनरी खराब हो गई। अब उसे दुरुस्त कराने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया है। राज्य सरकार ने शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब (एमएफटीएल) 21 अगस्त 2023 को उपलब्ध कराई गई थी। इसके तहत राजसमंद और ब्यावर में 15-15 दिन संचालित होती थी। उक्त मोबाइल वैन ने कुछ दिन तो सेम्पल लेकर उनकी जांच की गई, लेकिन जून माह के बाद से बजट के अभाव में मोबाइल वैन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के परिसर में खड़ी हो गई। इस संबंध में राजस्थान पत्रिका में समाचार प्रकाशित किए गए। इसके पश्चात राज्य सरकार की ओर से अक्टूबर माह में बजट उपलब्ध कराए जाने पर 10 अक्टूबर से इसका संचालन फिर से शुरू हुआ। राजसमंद में सेम्पल लेने के बाद वैन ब्यावर चली गई। कुछ दिनों पहले ब्यावर से पुन: राजसमंद आते समय मोबाइल वैन के सामने पशु के आ जाने से अनियंत्रित होकर पलट गई। इससे वैन में लगे उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए। इसके कारण उक्त वैन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग परिसर में ही खड़ी है।
बाजारों में बिकने वाले मिलावटी सामानों पर रोक लगाने के लिए कांग्रेस सरकार की ओर से प्रत्येक जिले के लिए मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब उपलब्ध कराई गई थी। इसके तहत राजसमंद और ब्यावर के लिए एक ही वैन उपलब्ध कराई गई थी। इसमें उपभोक्ताओं को नि:शुल्क अपने खाद्य पदार्थो की जांच कराने की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। इसके चलते वैन के माध्यम से सेम्पल लेकर ऑन स्पॉट इसकी जांच की जाती थी, लेकिन वैन के क्षतिग्रस्त हो जाने से सुविधा भी बंद हो गई है।
ब्यावर से आते समय मोबाइल फूड सेफ्टी वैन टोल के निकट पशु के सामने आ जाने से पलट गई थी। विभाग को जानकारी दे दी है। संबंधित एजेंसी के ड्राइवर को पत्र लिखा है। ब्यावर सीएमएचओ को भी पत्र लिखा गया है।