पंचायत शिक्षकों और विद्यालय सहायकों ने सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ मंगलवार को जिले में जोरदार प्रदर्शन किया।
राजसमंद. पंचायत शिक्षकों और विद्यालय सहायकों ने सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ मंगलवार को जिले में जोरदार प्रदर्शन किया। राजस्थान पंचायत शिक्षक–विद्यालय सहायक संघ की जिला शाखा ने यह प्रदर्शन जिला अध्यक्ष राकेश पालीवाल के नेतृत्व में किया, जिसमें जिले भर से सैकड़ों शिक्षक और सहायक अपनी समस्याओं और नाराज़गी को लेकर सड़क पर उतरे। संघ के जिला प्रवक्ता दिनेश पारीक ने बताया कि सरकार पिछले दो बजट से पंचायत शिक्षकों और विद्यालय सहायकों के नियमितीकरण की घोषणा तो कर रही है, मगर यह घोषणा सिर्फ कागजों में ही सिमट कर रह गई है। जमीनी हकीकत यह है कि विभागीय आदेश अब तक जारी नहीं किए गए हैं, जिससे संविदा पर काम कर रहे कर्मियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
प्रवक्ता ने बताया कि सरकार ने अपने बजट में दो वर्ष की सेवा शिथिलता की छूट देने का ऐलान किया था ताकि लंबे समय से सेवा दे रहे पंचायत शिक्षकों और विद्यालय सहायकों को नियमित किया जा सके, लेकिन नौकरशाही की ढिलाई के चलते हजारों कर्मी अभी भी अल्प मानदेय पर काम करने को मजबूर हैं।
राजसमंद ब्लॉक अध्यक्ष सत्यनारायण ने कहा कि पंचायत शिक्षक और विद्यालय सहायक पिछले 17 वर्षों से संविदा पर सेवाएं दे रहे हैं, मगर हर बार नई सरकारें सिर्फ वादे कर के भूल जाती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं की तो मानसून सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव किया जाएगा और राज्यव्यापी आंदोलन को मजबूरन उग्र रूप देना पड़ेगा।
इस दौरान प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों और सहायकों ने नारेबाजी करते हुए सरकार से तत्काल आदेश जारी करने और उन्हें स्थायी नियुक्ति देने की मांग की। जिला मुख्यालय पर हुए इस प्रदर्शन में दर्जनों गाँवों और पंचायतों से आए शिक्षकों ने एक स्वर में कहा कि अगर अब भी उनकी आवाज अनसुनी रही तो वह अपने बच्चों और परिवारों के भविष्य को लेकर निर्णायक संघर्ष छेड़ देंगे।