जिले में हनुमान जन्मोत्सव के तहत कई कार्यक्रम हुए। इसके तहत शोभायात्रा निकाली गई तो कहीं पर भजन संध्या का आयोजन किया गया। इसमें श्रद्धालुओं ने बढ़चढ़ कर भाग लिया।
राजसमंद. विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल की ओर से रामोत्सव के तहत शनिवार को हनुमान जन्मोत्सव पर विशाल शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बजरंग दल के युवा व दुर्गा वाहिनी की बहने तलवार बाजी, मुगद्ल गुमाना, ल_ चलाती और युवा अखाड़े का प्रदर्शन करते चल रहे थे। शोभायात्रा का कई स्थानों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।
भीलवाड़ा स्थित सिद्धेश्वर बालाजी को विशेष आंगी धराई तथा फूलों का श्रंृगार कर आकर्षक झांकी सजाई गई। नगर में निकाली गई शोभा यात्रा से पूर्व भीलवाड़ा रोड़ कृषि उपज मण्डी के सामने स्थित सिद्धेश्वर बालाजी मंदिर प्रांगण में धर्मसभा हुई। इसमें वीर हनुमान मंदिर बालाजी नगर के महंत श्यामदास, संत पारसमणी, काली कल्याणी धाम के पुजारी डॉ. हेमंत जोशी, विहिप प्रांत सहमंत्री सुंदर लाल, प्रांत मंत्री राकेश हिंगड, जिला अध्यक्ष राकेश गोयल, मंत्री तुलसीराम कुमावत, बजरंग दल प्रांत सहसंयोजक करण सिंह का पाथेय मिला। अतिथियों ने बालाजी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन कर धर्मसभा का आगाज किया। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने पगड़ी व इकलाई पहनाकर अतिथियों का स्वागत किया। शोभायात्रा दोपहर साढ़े तीन बजे भीलवाड़ा रोड़ कृषि उपज मण्डी के सामने स्थित सिद्धेश्वर बालाजी से शुरू हुई। यह विवेकानंद चौराहा, जेके मौड़, मुख्य चौपाटी, राठासेन माताजी मंदिर, जलचक्की, आवरी माता, किशोरनगर, मण्डा, कलालवाटी, गणेश चौक, दाणी चबूतरा, सदर बाजार, फव्वारा चौक होते हुए बजरंग चौराहा राजनगर पर पहुंचकर संपन्न हुई। जहां हनुमान चालिसा और आरती के बाद महाप्रसादी का आयोजन किया गया। शोभायात्रा में कई मनमोहक झांकियां सजाई गई। शोभायात्रा में विधायक दीप्ति माहेश्वरी, राजसमंद पंचायत समिति प्रधान अरविन्द सिंह राठौड़ सहित कई श्रद्धालु शामिल रहे।
विश्व हिन्दू परिषद के प्रांत सह मंत्री सुंदरलाल ने युवाओं को जागरूक होकर सनातनी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कुलगुरु विश्वामित्र के साथ भगवान राम और लक्ष्मण के संवाद का उल्लेख किया। उन्होंने निशाचरों को मिटाने के लिए रामजी के संकल्प में हनुमानजी की महत्ता बताते हुए कहा कि राम के हर कार्य में हनुमानजी सदैव लगे रहे। उन्होंने छत्रपति शिवाजी, महाराणा प्रताप, चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह और राजगुरु आदि का स्मरण किया, जिन्होंने भारत माता की अस्मिता की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए। काली कल्याणी धाम के पुजारी डॉ. हेमंत जोशी ने कहा कि माता-पिता को अपने बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ शस्त्र चलाने और अपनी रक्षा करने की विद्या अवश्य सिखानी चाहिए। वर्तमान समय में बालकों को न केवल ज्ञान अर्जित करने की आवश्यकता है, बल्कि उन्हें अपनी और अपने धर्म की रक्षा करने में भी सक्षम होना चाहिए।
जिलामंत्री तुलसीराम गायरी ने बताया कि हनुमानजी के 101 किलो के रोट का भोग लगाया गया। इसके लिए प्रत्येक घर से टोली बनाकर एक कटोरी आटा, गुड़ और घी इक_ा किया गया। हर समाज से एकत्रित सामग्री से रोट बनाया। अंत में प्रसाद के रूप में वितरित किया गया।