30 दिनों में 310 छोटे-बड़े नालों की कैसे होगी सफाई राजनगर, कांकरोली और धोईंदा में बने नालों पर खर्च होंगे 15 लाख रुपए नगर परिषद का दावा आचार संहिता से पहले टेण्डर कर दे दिया वर्क ऑर्डर
राजसमंद. प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होने में अब एक माह बचा है। इसके बावजूद शहर के नालों की सफाई का काम अब तक शुरू नहीं हुआ है, जबकि नगर परिषद ने लोकसभा चुनाव की आचार संहिता से पहले टेण्डर प्रक्रिया पूरी कर ली थी। नगर परिषद क्षेत्र में प्रतिवर्ष मानसून से पूर्व नालों की साफ-सफाई कराई जाती है, जिससे कि बारिश के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। लोकसभा चुनाव के चलते नगर परिषद की ओर से आचार संहिता से पहले टेण्डर प्रक्रिया पूरी कर ली गई। आनन-फानन में नालों की एक दिन सफाई भी कराई गई थी, लेकिन मानसून आने में काफी समय होने कारण काम को बंद करा दिया था। इसे दो माह करीब होने के बावजूद अभी तक नालों की सफाई शुरू नहीं हुई है, जबकि 15 जून से प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो जाती है। नालों की सफाई साफ नहीं होने की स्थिति में जगह-जगह गंदगी के ढेर लग सकते हैं, वहीं पानी भरने की स्थिति भी बन सकती है। उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने पर किसी प्रकार के टेण्डर आदि नहीं लग सकते थे, इसके कारण नगर परिषद ने आनन-फानन में टेण्डर प्रक्रिया पूरी की गई थी।
नगर पषिद का दावा है कि राजनगर, धोईंदा और कांकरोली के नालों की सफाई के लिए दो फर्मों को ठेका दिया गया है। उन्हे वर्क ऑर्डर भी दे दिया है। जानकारों की मानें तो संबंधित फर्म के ठेकेदार वर्क ऑर्डर मिलने की बात से इंकार कर रहे हैं। टेण्डर प्रक्रिया और वर्क ऑर्डर देने के दौरान एक फर्म ने आपत्ति दर्ज कराई थी। ऐसे में वर्क ऑर्डर नहीं दिया गया, जबकि नगर परिषद का दावा है कि आपत्ति का निस्तारण कर दोनों फर्म को वर्क ऑर्डर दे दिया गया है।
नगर परिषद ने शहर को तीन जोन में बांट रखा है। इसमें राजनगर, धोईंदा और कांकरोली है। तीन जोन में छोटे-बड़े नालों को मिलाकर करीब 310 नाले हैं। तीनों जोन के नालों की सफाई पर 15 लाख रुपए खर्च होंगे, लेकिन नालों की सफाई नहीं होने के कारण नाले गंदगी से अटे पड़े हैं।
जल्द शुरू कराई जाएगी नालों की सफाई
आचार संहिता से पहले टेण्डर आमंत्रित किए थे। इसमें दो-तीन फर्मो ने टेण्डर अपलोड किए थे। इसके बाद दो फर्म को वर्क ऑर्डर दे दिया। इस दौरान जिस फर्म को टेण्डर दिया था उस पर आपत्ति दर्ज कराई गई थी, उसका निस्तारण कर दिया गया था। अब एक-दो दिन में नालों की युद्ध स्तर पर सफाई शुरू कराई जाएगी। मानसून से पहले सभी नाले साफ करवा दिए जाएंगे।