राजसमंद. लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव में आहूति देने के लिए होम वोटिंग के तहत मतदान करने की इच्छा जताने वाले 30 मतदाताओं की इच्छा पूरी नहीं हो सकी। मतदान कराने के लिए टीम बुर्जुगों के घर पहुंचती उससे पहले ही उन्हें मौत का बुलावा आ रहा। आठों विधासभा क्षेत्र में सर्वाधिक राजसमंद और जेतारण के 7-7 बुजुर्ग मतदाताओं की मौत हो गई। 199 मतदान दलों ने 2172 मतदाताओं की घर-घर जाकर मतदान कराया है।
राजसमंद संसदीय क्षेत्र में होम वोटिंग के तहत 14 से 19 अप्रेल तक होम वोटिंग कराई गई। होम वोटिंग के अंतिम दिन भीम विधानसभा क्षेत्र में 28 लोगों ने मतदान किया। संसदीय क्षेत्र के जेतारण विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक 634 मतदाताओं ने होम वोटिंग के लिए आवेदन किया था, इसमें सर्वाधिक 601 मतदाताओं ने मतदान कर लोकतंत्र के प्रति अपनी आस्था का परिचय दिया। लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के तहत चल रही होम वोटिंग के प्रथम फ्रेज में वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांगजन पूरे उत्साह से सहभागिता निभाई। उल्लेखनीय है कि पहले होम वोटिंग के तहत 80 वर्ष आयु निर्धांरित की थी, लेकिन बाद में इसे बदलकर 85 वर्ष कर दिया है। साथ ही 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता श्रेणी के अन्तर्गत विशेष योग्यजन भी इसके लिए पात्र है।
राजसमंद संसदीय क्षेत्र सबसे बड़े संसदीय क्षेत्रों में शुमार है। इसके अन्तर्गत आठ विधासभा क्षेत्र आते हैं। इसमें भीम विधासभा क्षेत्र में 45 दल बनाए गए। इसी प्रकार कुंभलगढ़ में 23, राजसमंद में 30, नाथद्वारा में 31, ब्यावर में 25, मेड़ता में 06, डेगाना में 06, जेतारण में 33 मतदान दल बनाए गए थे।
जिले के भीम में 4 मतदाताओं की मतदान से पहले ही मृत्यु हो गई। इसी फ्रकार राजसमंद में 07, नाथद्वारा में 06, ब्यावर में 05, मेड़ता में एक और जेतारण में 07 बुजुर्ग मतदाताओं की मतदान से पहले मृत्यु हो गई।