राजसमंद

जब विभाग सोया तो युवाओं ने थामा फावड़ा! सड़क पर युवाओं ने किया श्रमदान, जानलेवा गड्ढों को भर बनाया रास्ता सुगम

सरकारी विभाग की अनदेखी और बरसों से अधूरी पड़ीसड़क की मरम्मत का जिम्मा जब प्रशासन ने नहीं उठाया, तो मादड़ी गांव के युवाओं ने खुद कमर कस ली।

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कुंवारिया (राजसमंद). सरकारी विभाग की अनदेखी और बरसों से अधूरी पड़ीसड़क की मरम्मत का जिम्मा जब प्रशासन ने नहीं उठाया, तो मादड़ी गांव के युवाओं ने खुद कमर कस ली। बुधवार को उन्होंने फावड़े और गिट्टी उठाकर सड़क के बीच बने जानलेवा गड्ढों को भरने का बीड़ा अपने हाथों लिया। कुछ ही घंटों के श्रमदान ने न सिर्फ रास्ते को सुगम बना दिया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि जब सिस्टम चुप हो जाए, तो युवा शक्ति बदलाव की राह खुद बना सकती है।

राजसमंद, कुंभलगढ़ और देवगढ़ को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग

ग्राम पंचायत महासतियों की मादड़ी के मुख्यालय से होकर गुजरने वाला मादड़ीचौराहा–देवगढ़ स्टेट हाईवे तीनों विधानसभा क्षेत्रों राजसमंद, कुंभलगढ़ और देवगढ़ को जोड़ता है। यह मार्ग प्रतिदिन सैकड़ों वाहनों से गुलजार रहता है। ट्रकों, बसों और निजी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण सड़क की स्थिति लंबे समय से जर्जर हो चुकी थी। मादड़ी गांव के बीचोंबीच डेढ़ साल से गहरा खड्डा बना हुआ था, जो अब तक कई दुर्घटनाओं का कारण बन चुका था। कई बार लोग घायल हुए, वाहन क्षतिग्रस्त हुए, लेकिन विभागीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि मूक दर्शक बने रहे।

खतरनाक गड्ढे, थमती नहीं दुर्घटनाएं

गांव के लोगों ने बताया कि यह गड्ढा पंचायत से कुछ ही दूरी पर स्थित था, और बरसात के मौसम में तो यह पानी से भरकर और भी खतरनाक हो जाता था। लगातार शिकायतों के बावजूद विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। छोटे बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह खड्ढा मौत का जाल बन गया था।

युवाओं ने संभाला मोर्चा

विभाग की चुप्पी और बढ़ते हादसों से आक्रोशित होकर गांव के युवा समाजसेवियों ने खुद आगे बढ़कर श्रमदान करने का निर्णय लिया। बुधवार सुबह गांव के दर्जनों युवा फावड़े, गिट्टी और तसले लेकर सड़क पर उतर गए। कुछ घंटों में ही उन्होंने खड्डों को गिट्टी से भरकर सड़क का समतलीकरण किया, जिससे अब वाहनों की आवाजाही बिना झटके और खतरे के हो सकेगी।

हमारे गांव की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी

युवाओं ने बताया कि जब हमने देखा कि विभाग सिर्फ आश्वासन दे रहा है, तो हमने तय किया कि अब इंतजार नहीं करेंगे। अगर हम अपने गांव की सड़क नहीं सुधारेंगे, तो और कौन करेगा? कई बार सोशल मीडिया के जरिए भी प्रशासन को स्थिति से अवगत कराया, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

एकता की मिसाल बना श्रमदान

इस श्रमदान अभियान में गांव के कई युवा कार्यकर्ता और पंचायती प्रतिनिधि भी शामिल हुए। पंचायत समिति सदस्य विजयराम गुर्जर ने कहा कि यह काम विभाग का था, लेकिन हमारे युवाओं ने जो किया, वह सराहनीय है। अगर हर गांव के लोग इसी तरह आगे बढ़ें तो हमारे क्षेत्र की तस्वीर बदल सकती है। श्रमदान करने में विजयराम गुर्जर, शिवलाल गुर्जर, पूरणदास वैष्णव, राजू गुर्जर, भैरूलाल गुर्जर, राजू सालवी, अर्जुन गुर्जर, प्रदीप पालीवाल, राहुल पालीवाल, विशाल लोहार सहित दर्जनों ग्रामीण युवा शामिल रहे।

प्रशासन की अनदेखी पर उठे सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार सार्वजनिक निर्माण विभाग को लिखित और मौखिक रूप से सड़क की जर्जर स्थिति की जानकारी दी थी। लेकिन, न बजट मिला, न कार्य स्वीकृत हुआ। लोगों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों ने भी केवल आश्वासन दिए, जबकि सड़क की हालत बदतर होती चली गई। यह सड़क तीन विधानसभा क्षेत्रों को जोड़ती है। इतने महत्वपूर्ण मार्ग की ऐसी स्थिति शर्मनाक है। जब तक लोग आवाज नहीं उठाएंगे, तब तक कोई सुधार नहीं होगा।्र

Published on:
30 Oct 2025 11:39 am
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