रांची

‘फारूक अब्दुल्ला को कश्मीर पर बोलने का कोई हक नहीं’: केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, बोलीं- अनुच्छेद 370 हटने के बाद बदले हालात

Farooq Abdullah: केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने फारूक अब्दुल्ला की कश्मीर संबंधी टिप्पणी पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 और 35A हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में बदलाव आया है। उन्होंने पर्यटन, बुनियादी ढांचे के विकास और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने का भी दावा किया।
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Updated: 25 Oct 2026, 3:46 PM IST
Farooq Abdullah
केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी का फारूक अब्दुल्ला पर पलटवार, फोटो सोर्स- ANI

Annapurna Devi on Farooq Abdullah: जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC) के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला की टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इन लोगों को कश्मीर के मुद्दे पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। अन्नपूर्णा देवी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में और अनुच्छेद 370 तथा 35A हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कश्मीर के जिन युवाओं को कभी पत्थरबाज के रूप में पहचाना जाता था, वे आज देश के अन्य युवाओं के साथ आगे बढ़ रहे हैं। वे रोजगार और करियर के अवसरों की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में बुनियादी ढांचे का विकास हुआ है और सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने की दिशा में भी काम किया गया है।

अनुच्छेद 370 हटने के बाद पर्यटन और बुनियादी ढांचे में विकास का दावा

अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि आज जम्मू-कश्मीर के लोग शांति और सुकून के माहौल में रह रहे हैं और केंद्र शासित प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने पर्यटन और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हुई प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में महत्वपूर्ण विकास हुआ है। केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, केंद्र सरकार के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर में विकास कार्यों को गति मिली है। उन्होंने कहा कि रोजगार के अवसरों, बुनियादी सुविधाओं और सरकारी योजनाओं के जरिए लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

फारूक अब्दुल्ला का वो बयान जिस मचा घमासान

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने 24 अक्टूबर 2026 को जम्मू-कश्मीर के बारामूला में पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मेलन के दौरान कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर का मुद्दा उठाकर कश्मीरियों की आवाज को दुनिया तक पहुंचा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली से न्याय की कितनी उम्मीद की जा सकती है और लोगों को अपनी पहचान व अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग भारतीय हैं और उनकी पार्टी महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और मौलाना आजाद के भारत में विश्वास रखती है।

Updated on:
25 Oct 2026, 3:46 PM IST
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