
(पत्रिका ब्यूरो,रांची): एशियन गेम 2018 में तीरंदाजी की महिला कंपाउंड टीम स्पर्धा में भारत के लिए सिल्वर मेडल झारखंड की मधुमिता कुमारी ने जीता। झारखंड की बेटी के एशियन गेम में शानदार प्रदर्शन से पूरे राज्य में जश्न और उल्लास का माहौल है।
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मधुमिता को इस जीत पर बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने सिल्वर मेडल दिलाकर झारखंड के युवाओं के लिए मिसाल पेश की है, इस उपलब्धि पर पूरे देश को गर्व है। मुख्यमंत्री ने दुनिया भर में भारत का, तिरंगे का गौरव बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की ओर से मधुमिता को 10 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि झारखंड की बेटियों और युवाओं के लिए आज मधुमिता प्रेरणा बन गई है।
मधुमिता कुमारी ने यह पदक कंपाउंड टीम इवेंट में हासिल किया। इस टीम में मधुमिता के साथ टीम में दो और सदस्य ज्योति सुरेखा वेन्नम (विजयावाड़ा,आंध्रप्रदेश) और मुस्कान किरार (जबलपुर,मध्यप्रदेश) टीम ने फाइनल में दक्षिण कोरिया को पराजित किया। फाइनल मुकाबले में 228 के मुकाबले 231 से भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा।
संघर्ष की राह पर चलते हुए पहुंची मंजिल तक
मधुमिता को इस मुकाम तक पहुंचने में काफी संघर्ष करना पड़ा। झारखंड के रामगढ़ जिले के घाटों की रहने वाली मधुमिता के पिता जितेंद्र नारायण टिस्को के सीनियर डोजर ऑपरेटर हैं । मधुमिता के दोस्तों और परिजनों का कहना है कि खेल के प्रति शुरू से ही उसमें गजब का जुनून था । वर्ल्ड कप खेल चुकी रामगढ़ जिले की मधुमिता को बचपन से ही तीरंदाजी का शौक है। छोटी उम्र में ही टाटा की ओर से घाटो में संचालित सेंटर में वह अभ्यास करने लगी । साल 2008 में वह तीरंदाजी कोच प्रकाश राम के संपर्क में आई और कड़ी मेहनत से मधुमिता ने देश-विदेश में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में कई पुरस्कार जीते ।