रांची

कोरेगांव की घटना से कोई लेना-देना नहीं-स्टेन स्वामी

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के खिलाफ विचार प्रकट करने वालों को टारगेट किया जा रहा रहा है...
2 min read
• •
Updated: 29 Aug 2018, 9:02 PM IST
स्टेन स्वामी
स्टेन स्वामी

(पत्रिका ब्यूरो,रांची): सामाजिक कार्यकर्ता फादर स्टेन स्वामी ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि चाहे प्रधानमंत्री की सुरक्षा का मसला हो या फिर पुणे के भीमा कोरेगांव में अशांति का मामला हो, इन घटनाओं से उनका कोई लेना-देना नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के खिलाफ विचार प्रकट करने वालों को टारगेट किया जा रहा रहा है, ताकि सरकार के खिलाफ बोलने वाले को चुप कराया जा सके। स्टेन स्वामी ने कहा कि मंगलवार को महाराष्ट्र पुलिस की टीम उनके घर आई थी, लेकिन उन्हें प्राथमिकी तक नहीं दिखाई। हिन्दी में लिखी एफआईआर अब तक नहीं दी गई। मराठी में सर्च वारंट था। उन्हें हिन्दी में समझाया गया, तब जाकर उन्होंने सर्च में सहयोग किया। उन्होंने बताया कि मंगलवार सुबह छह बजे पुलिस रांची के नामकुम स्थित उनके आवास पहुंची और करीब तीन घंटे की तलाशी के दौरान महाराष्ट्र क्राइम ब्रांच की पुलिस ने उनका लैपटॉप, मोबाइल, सीडी कैसेट, ऑडियो टेप और कुछ दस्तावेज जब्त कर लिए।


उन्होंने कहा कि झारखंड के आदिवासियों के बीच रहते हैं और सामाजिक कार्यकर्ता होने के नाते लोकतांत्रिक अधिकारों के उल्लंघन का विरोध करते हैं। स्टेन स्वामी ने कहा कि सरकार गरीब, पिछड़े तबके के बीच काम करने वाले लोगों को दबा रही है, वे इसका विरोध करते हैं । उन्होंने कहा कि राज्य और पुलिस मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को झूठे केस में फंसा रही है । स्टेन स्वामी ने आरोप लगाया कि पुलिस एक साथ विभिन्न शहरों में अभियान चलाकर गरीब और शोषित लेगों के लिए काम करने वाले सभी मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को लक्षित कर रही है । स्टेन स्वामी ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से मांग की कि वे इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप करे। उन्होंने झूठे मुकदमों को वापस लेने की भी मांग की और गलत आरोपों में गिरफ्तार मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को रिहा करवाने की भी मांग की है ।

Published on:
Also Read
View All
‘फारूक अब्दुल्ला को कश्मीर पर बोलने का कोई हक नहीं’: केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, बोलीं- अनुच्छेद 370 हटने के बाद बदले हालात

‘तीन साल से राहुल-प्रियंका अकेले लड़ रहे थे, अब Gen-Z बचाएंगे लोकतंत्र’, CJP प्रोटेस्ट पर बोले पप्पू यादव

JSSC CGL मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित, विज्ञापन रद्द करने के सरकार के फैसले को दी गई है चुनौती

हेमंत सोरेन पर आरोप तय होने के बाद BJP ने मांगा इस्तीफा, गवाहों और सबूतों से छेड़छाड़ की जताई आशंका

जमीन घोटाला मामले में सीएम हेमंत सोरेन की बढ़ीं मुश्किलें, स्पेशल PMLA कोर्ट ने तय किए आरोप, 30 नवंबर से ट्रायल