
रवि सिन्हा की रिपोर्ट...
(रांची): राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा है कि आने वाले समय में सभी शिक्षण संस्थानों में एक विषय के रूप में खेलकूद को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दिशा में काम भी चल रहा है। राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू बुधवार को जमशेदपुर स्थित मोहन आहूजा इंडोर स्टेडियम में राष्ट्रीय कराटे प्रशिक्षण कैंप समारोह को संबोधित कर रही थी।
हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है राज्य
राज्यपाल ने कहा कि सभी लड़कियों को कराटे का प्रशिक्षण जरूर लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि झारखंड में खेल के विकास की असीम संभावनाएं हैं। आज झारखंड कला-संस्कृति, कृषि, खेलकूद, उद्योग सहित प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। राज्य के बच्चों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं मुहैया कराने और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। इससे होनहार खिलाड़ियों के मनोबल को बढ़ावा मिलेगा और राष्ट्र का नाम पूरे विश्व में स्थापित होगा।
खेल कूद है जीवन का अभिन्न अंग
झारखंड राज्य कराटे एसोसिएशन द्वारा 12 जून से प्रारंभ इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कैंप का आयोजन कराटे एकेडमी जापान और गोजू तलन कराटे ऑस्ट्रेलिया के सहयोग से किया गया। राज्यपाल ने कहा कि खेल मनोरंजन का साधन होने के साथ ही हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। खेलकूद से शारीरिक स्वास्थ्य में वृद्धि होने के साथ ही जीवन में अनुशासन की भावना बनाए रखने में वृद्धि होती है। स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का वास होता है।
खेलों से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और जिस व्यक्ति में आत्मविश्वास होता है वह जीवन की कठिन से कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार रहता है। राज्यपाल ने कहा कि आरंभ से ही राष्ट्र एवं राज्य के होनहार और मेधावी छात्र-छात्राओं को अधिक से अधिक प्रोत्साहित करने और उनमें निहित प्रतिभा को और भी निखारने के लिए इस प्रकार के आयोजन बहुत ही सराहनीय हैं। इससे प्रतिभावान खिलाड़ियों को अपने कौशल को प्रदर्शित करने का मंच प्राप्त होता है।
यह लोग रहे कार्यक्रम में शामिल
इस मौके पर राज्यपाल ने झारखंड, बिहार, असम, हरियाणा, पंजाब राज्यों से विजेता प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में उपायुक्त अमित कुमार, वरिष्ठ आरक्षी अधीक्षक अनूप बिरथरे तथा अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे। इस दौरान राष्ट्रीय कराटे एसोसिएशन के महासचिव नागेश्वर राय ने बताया कि यहां करीब देशभर के करीब दो सौ खिलाड़ी शामिल रहे है। यहां पहुंचे खिलाड़ियों को देशी और विदेशी कोच प्रशिक्षित कर रहे हैं। इस तरह के प्रयास से खेल प्रतिभाओं को निखारने में मदद मिलेगी।