
Ratlam Drug Seized- रतलाम जिले के थाना कालूखेड़ा पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 करोड़ 70 लाख रुपए मूल्य का एमडी ड्रग्स जब्त किया है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर एक काले रंग की कार से 2.495 किलोग्राम अवैध एमडी ड्रग्स बरामद किया है। गौरतलब है कि रतलाम में पहले भी कई बार नशे के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन कई राज्यों से यह इलाका जुड़ा होने के कारण नशे के तस्करों पर लगाम नहीं लग पा रही है।
थाना प्रभारी निरीक्षक शंकरसिंह चौहान के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी एक मंहगी कार से बड़ी मात्रा में एमडी की तस्करी होने जा रही है। इस सूचना के बाद एसपी अमित कुमार ने कालूखेड़ा पुलिस को अलर्ट किया। एसपी कुमार से मिली टीप के बाद कालूखेड़ा पुलिस ने चारों दिशा में एक-एक वाहन की जांच का अभियान चलाया। इसके बाद सोमवार-मंगलवार की देर रात तस्कर धराए। पुलिस के अनुसार कार नंबर आरजे-27-सीपी-3608 से तस्करी की एमडी जब्त की है।
मुखबिर की सूचना को नियमानुसार दर्ज किया गया, इसके बाद सीनियर अधिकारियों को जानकारी दी गई। पंचों और पुलिस बल के साथ रानीगांव फंटे पर नाकाबंदी की गई। कुछ देर बाद ही मुखबिर की ओर से बताए गए बुलिए की काले रंग की क्रेटा कार आते हुए दिखाई दी। पुलिस ने कार को रोकने का प्रयास किया, लेकिन कार चालक ने वाहन को तेज से रियावन की तरफ दौड़ा दिया। पुलिस ने पीछा कर बिलंदपुर जाने वाले कच्चे रास्ते पर कार को पकड़ लिया। पुलिस ने लखन पिता भेरूलाल मीणा (निवासी भाकरखेड़ी, थाना कालूखेड़ा) को गिरफ्तार कर लिया है। कार चालक और उसके दो अन्य साथी जंगल की ओर भाग गए। पुलिस के अनुसार आरोपी से पूछताछ जारी है। जहां से एमडी लेकर आया था, वहां दल भेजा गया है। पुलिस टीम की ओर से जंगल में सर्चिंग की गई, लेकिन आरोपी फरार होने में सफल हो गए। पुलिस ने कार में से 2.495 किलोग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की। कार की कीमत करीब 20 लाख रुपए अलग से है।
इससे पहले भी रतलाम पुलिस ने अंतरराज्यीय एमडी ड्रग्स मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था। पिपलोदा के पास बोरखेड़ा गांव में छापा मारकर मास्टर माइंड जमशेद लाला उर्फ डाक्टर समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने मौके से करीब 20 लाख रुपए कीमत की 200 ग्राम तैयार एमडी ड्रग्स और 175 किलोग्राम केमिकल जब्त किया था। पुलिस ने बताया था कि राजस्थान के साथ आसपास के राज्यं में भी एमडी ड्रग्स सप्लाई का काम चलताथा। आरोपियों ने कई राज्यों में अपना नेटवर्क फैला रखा था।