
धर्म ग्रंथों में मां दुर्गा की स्तुति के कई लाभ बताए गए हैं। इसके अनुसार मां दुर्गा की स्तुति से जगदंबा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इससे आपके मन का भय समाप्त हो जाता है। मां दुर्गा शत्रुओं का नाश करती हैं और आपके पाप नष्ट कर देती हैं। दुर्गा स्त्रोत पाठ से अनंत शुभ फल मिलते हैं। दुर्गा स्त्रोत पाठ से मनुष्यों की सभी पीड़ा का माता अंत करती हैं। इससे दु:ख और दरिद्रता का नाश होता है। पुत्र-कलत्र की वृद्धि होती है।
स्वर्गलोक का दर्शन और मोक्ष मिलता है। साथ ही मनोवांछित फल और अष्ट सिद्धियां मिलती हैं। मान्यता है कि दुर्गा माता की स्तुति से आपके जीवन में खुशियां आती हैं। रोजाना मां दुर्गा स्तुति करने वाले भक्त पर सदा दृष्टि रखती हैं और मां की तरह खयाल रखती हैं। इससे भक्त के सारे कष्ट मिट जाएंगे। दुर्गा स्तुति करने वाले को तन-मन-धन से संबंधित सभी सुख प्राप्त होते हैं।
1. सबसे पहले शौच आदि से निवृत्त होकर स्नान करें।
2. स्वच्छ वस्त्र धारण कर मां की स्तुति की तैयारी करें।
3. अब मां दुर्गा का ध्यान करें।
4. दुर्गा स्तुति से पहले संकल्प लें।
5. मां दुर्गा जी की मूर्ति को पंचामृत से स्नान कराएं।
6. कलश स्थापना करें, मां दुर्गा के सामने घी का दीपक जलाएं।
7. गणेश जी आराधना करें, फिर मां दुर्गा का आह्वान करें।
8. मां के श्रृंगार के लिए उन्हें आवश्यक वस्तुएं भेंट करें।
9. नारियल चढ़ाएं, मां दुर्गा की स्तुति करें।
10. अंत में मां दुर्गा की आरती करें।