
मासिक शिवरात्रि का महत्वः मासिक शिवरात्रि 18 अप्रैल मंगलवार को है। प्रयागराज के आचार्य प्रदीप पाण्डेय के अनुसार व्रत रखकर मासिक शिवरात्रि के दिन निशीथ काल में गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, फूल, शुद्ध वस्त्र, बेलपत्र, धूप, दीप, नैवेद्य, चंदन का लेप, ऋतुफल, धतुरे का पुष्प, अक्षत आदि से शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए। इस दिन शिव पुराण का पाठ, रुद्राभिषेक, शिव कथा, शिव स्रोत का पाठ करना चाहिए। इसके अलावा रात्रि जागरण करते हुए ऊँ नमः शिवाय मंत्र का जाप करना चाहिए।
इससे अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य फल मिलता है और मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है। शिव पूजा से सभी पापों का नाश होता है और नकारात्मक ऊर्जा आसपास से निकलती है। अविवाहित युवतियां भगवान शिव से अच्छे वर की प्राप्ति के लिए प्रार्थना करती हैं और विवाहित महिलाएं पति और परिवार के मंगल की कामना करती हैं। इस व्रत से इच्छा शक्ति मजबूत होती है और व्यक्तित्व में दृढ़ता आती है।
राशि अनुसार शिव पूजाः माना जाता है राशि अनुसार शिवरात्रि, रोजाना या सोमवार को पूजा करने से शिव भक्तों को उत्तम फल मिलता है।
मेष राशिः मासिक शिवरात्रि के दिन मेष राशि के जातकों को भगवान शंकर का जल में गुड़, गन्ने का रस या शहद मिलाकर का अभिषेक करना चाहिए। अभिषेक के बाद लाल चंदन से शिवलिंग का तिलक करें और लाल चंदन से जितना हो सके उतने बेलपत्र पर ॐ नमः शिवाय लिख कर भगवान शिव को अर्पित करें। इसके बाद शिवलिंग पर लाल पुष्प चढ़ाएं। फिर ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें। इसके बाद 11 ब्राह्मणों को शिवपुराण दान करें।
वृषभ राशिः मासिक शिवरात्रि के दिन इस राशि के जातक को गाय के दूध, दही से भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए। इसके अलावा भगवान शिव को चावल, सफेद चंदन, सफेद आक, सफेद वस्त्र और चमेली का फूल अर्पित करना चाहिए। इसके बाद महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए। इसके अतिरिक्त वेदपाठी 11 ब्राह्मणों को रुद्राक्ष की माला दान करनी चाहिए।
मिथुन राशिः इस राशि के जातक को भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए, मासिक शिवरात्रि के दिन महादेव का गन्ने के रस से रुद्राभिषेक करना चाहिए। इसके अलावा भगवान शिव को बेलपत्र, शमी पत्र के साथ साबुत हरे मूंग, भांग, दूर्वा और कुश अर्पित करें। मिथुन राशि के जातक को इस दिन शिव चालीसा का पाठ करना चाहिए और 11 शिव चालीसा शिव मंदिर में चढ़ाना चाहिए।
कर्क राशिः कर्क राशि के जातक को मासिक शिवरात्रि के दिन भगवान शिव का दूध, दही और देसी घी से अभिषेक करना चाहिए। इसके अतिरिक्त भगवान शिव को सफेद चंदन का तिलक लगाएं और अक्षत, सफेद गुलाब का फूल और शंखपुष्पी भी चढ़ाएं। इसके अलावा शिवाष्टक का 11 पाठ करने के अलावा शिव भक्तों को सफेद वस्त्र दान करें।
सिंह राशिः सिंह राशि के जातक को मासिक शिवरात्रि के दिन भगवान शंकर का जल में गुड़, लाल चंदन और शहद डालकर अभिषेक करना चाहिए। इसके अलावा लाल पुष्प, लाल चंदन का तिलक भी करें। इस समय गुड़ और चावल से बनी खीर शिव मंदिर में प्रसाद के रूप में बांटें और शिव महिमा स्तोत्र का पाठ करें। इसके साथ कमलगट्टे की 11 माला दान करें।
कन्या राशिः कन्या राशि के जातक को गन्ने के रस से मासिक शिवरात्रि के दिन आदिदेव का रुद्राभिषेक करना चाहिए। इन्हें भोलेनाथ को पान, बेलपत्र, धतुरा, भांग एवं दूर्वा चढ़ाना चाहिए। इसके अलावा शिव पुराण की कथा का वाचन करना चाहिए या सुनना चाहिए।
तुला राशिः तुला राशि के जातकों को इस दिन चमेली के तेल, दही, ईत्र, घी, दूध से शिव का अभिषेक करना चाहिए। इसके अलावा सफेद चंदन का तिलक लगाएं, इसके अलावा सफेद वस्त्र दान करें। इसके साथ मिश्री और खीर का प्रसाद भगवान शिव जी को चढ़ाएं। शिव मंदिर में दान करने के अतिरिक्त शिवतांडव स्तोत्र का पाठ करें।
वृश्चिक राशिः वृश्चिक राशि के जातक को जल में गुड़़, लाल चंदन, शहद मिलाकर और पंचामृत से भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए। इस दिन केसर और लाल पुष्प भगवान शिव को अर्पित करें। भगवान शंकर को लाल हलवे का भोग लगाने के अलावा दान भी करें। साथ ही भगवान शिव के 1000 नामों का स्मरण करें।
धनु राशिः धनु राशि के जातकों को दूध में केसर, हल्दी और शहद मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए। साथ ही भगवान शंकर को केसर, पीले चन्दन का तिलक लगाएं, उन्हें पीले गेंदे के फूलों की माला भी अर्पित करें। मासिक शिवरात्रि के दिन शिवमंदिर में पीले रंग के वस्त्र दान करने के साथ ही शिव पंचाक्षर स्त्रोत का पाठ भी करना चाहिए।
मकर राशिः मकर राशि के जातकों को जल में दूध या गेहूं मिला कर भगवान शिव को मासिक शिवरात्रि के दिन चढ़ाना चाहिए। इसके साथ ही तिल का तेल और नीले पुष्प भोले नाथ को अर्पित करें। शिव मंदिर में नीले वस्त्र दान करने के अलावा भगवान शिव के 108 नामों का स्मरण भी करें।
कुम्भ राशिः कुम्भ राशि के जातक को इस दिन नारियल के पानी या तिल के तेल से रुद्राभिषेक करना चाहिए। साथ ही शमी वृक्ष के पुष्प भगवान शिव को अर्पित करने चाहिए। इसके अलावा शिवाष्टक का पाठ भी करना चाहिए।
मीन राशिः मीन राशि के जातक को केसर मिश्रित जल से भगवान शंकर का जलाभिषेक करना चाहिए। इसके अलावा भगवान शिव की पूजा पंचामृत, दही, दूध और पीले पुष्प से करनी चाहिए। इसके अलावा ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करना चाहिए। साथ ही मासिक शिवरात्रि के दिन शिव चालीसा का पाठ करना चाहिए।