Mesh Sankranti 2023: शुक्रवार 14 अप्रैल को नवग्रहों के राजा सूर्य मेष राशि में प्रवेश कर रहे हैं यानी इस दिन मेष संक्रांति 2023 होगी। इसी दिन बैसाखी भी मनाई जाएगी, साथ ही सौर कैलेंडर के नववर्ष की भी शुरुआत होगी। इसी दिन से बांग्ला नववर्ष की भी शुरुआत होगी। मेष संक्रांति के दिन स्नान दान का विशेष महत्व होता है तो आइये जानते हैं कि मेष संक्रांति पूजा कैसे करें और मेष संक्रांति दान कैसी वस्तुओं का करें कि वह कल्याणकारी हो।

मेष संक्रांति पूजाः मेष संक्रांति को विषपत संक्रांति, विषुपत संक्रांति और वैशाख संक्रांति के नाम से भी जाना जाता है, मेष संक्रांति के दिन भगवान सूर्य की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। मेष संक्रांति के दिन इस तरह सूर्य देव की पूजा करनी चाहिए।
1. मेष संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में स्नान करें या पानी में गंगाजल डालकर स्नान के बाद लाल कपड़े पहनकर तांबे के लोटे में अक्षत और लाल पुष्प डालकर भगवान सूर्य को अर्घ्य दें।
2.भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के बाद गायत्री मंत्र का जाप करें और सूर्य स्तुति का पाठ करें।
3. इसके बाद ब्राह्णण को दान दक्षिणा दें। इस दिन गेहूं, गुड़ और चांदी की वस्तु का दान बेहद शुभ और पुण्यफलदायी माना जाता है। इससे यश, कीर्ति और वैभव प्राप्त होता है।
मेष संक्रांति के दिन करें यह दान
1. बुद्धि और बल के लिएः तांबे का संबंध सूर्य से है। इसलिए मेष संक्रांति के दिन तांबे का दान करना चाहिए। वहीं तांबे के लोटे से भगवान भास्कर को अर्घ्य देना चाहिए। इससे कुंडली में सूर्य मजबूत होते हैं, बिगड़ी बन जाती है और बल बुद्धि प्राप्त होती है।
2. कार्यक्षेत्र में तरक्की के लिए गुड़ का दानः धार्मिक ग्रंथों में मेष संक्रांति के दिन चावल और गुड़ का दान करने की भी बात कही गई है। गुड़ का संबंध सूर्य के साथ मंगल ग्रह से भी माना जाता है। मेष संक्रांति के दिन ऊँ घूणिः सूर्य आदित्यः मंत्र का जाप करते हुए गुड़ का दान करना चाहिए। इससे जीवन में मिठास आती है, परिवार में आपसी प्रेम भाईचारा होता है और कार्यक्षेत्र में तरक्की मिलती है।
3. यह दान करने से नहीं होगी धन धान्य की कमीः धार्मिक ग्रंथों के अनुसार मेष संक्रांति के दिन अपने वजन के बराबर गेहूं दान करने से भगवान सूर्य की कृपा बनी रहती है, घर में धन धान्य की कमी नहीं होती। इससे नौकरी और व्यापार में तरक्की होती है।
4. समृद्धि के लिएः मेष संक्रांति के दिन साफ कपड़े पहनकर अर्घ्य दें और जरूरतमंदों को मसूर की दाल दान करें तो कुंडली में सभी ग्रहों का दोष दूर होता है और घर में धन धान्य की कमी नहीं होती। मसूर की दाल का दान करने से मान सम्मान बढ़ता है और घर में समृद्धि आती है।
5. मनोकामना पूर्ति और पराक्रम में वृद्धि के लिएः मेष संक्रांति के दिन लाल फूल, लाल कपड़ा और लाल चंदन का दान करने और सूर्य देव के सिद्ध मंत्र का जाप लाल चंदन की माला से करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
6. इस घास का जल दूर करेगा रोगः देवभूमि उत्तराखंड में पाई जाने वाली कहरू घास को जल में डालकर उससे मकर संक्रांति के दिन स्नान से रोग दूर होते हैं। इसके अलावा जहां कहरू नहीं पाई जाती है, वहां लोगों को नीम के जल से स्नान करना चाहिए। इससे शरीर की विषाक्तता दूर होती है। इसीलिए इसे विषपत संक्रांति भी कहते हैं।