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CBSE Revaluation: क्यों हजारों की संख्या में छात्रों को मूल्यांकन के लिए करना पड़ा अप्लाई, असल वजह आई सामने 

CBSE Revaluation: अंक सत्यापन कराने के लिए आवेदन करने के लिए सीबीएसई बोर्ड ने 22 से 24 मई का दिन निर्धारित किया था। वहीं अब उत्तर पुस्तिकाओं की जांच हो रही है।

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CBSE Revaluation

सीबीएसई की 10वीं और 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिका जांच में एक बार फिर लापरवाही देखी गई। हजारों की संख्या में छात्रों ने अंक सत्यापन (CBSE Marks Verification) के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। दोबारा कॉपियां जांची जा रही है तो शिक्षकों की लापरवाही सामने आ रही है। जिन छात्रों को एक या दो विषय में बहुत अच्छे अंक हैं, उन्हें दूसरे विषय में बहुत ही कम अंक दिए गए। यही कारण है कि बड़ी संख्या में छात्रों ने मूल्यांकन के लिए अप्लाई किया।

अंक सत्यापन कराने के लिए आवेदन करने के लिए सीबीएसई बोर्ड ने 22 से 24 मई का दिन निर्धारित किया था। वहीं अब उत्तर पुस्तिकाओं की जांच हो रही है तो शिक्षकों द्वारा कम अंक देने, अंक जोड़ने-घटाने की लापरवाही सामने आ रही है। ऐसे में छात्रों के अंक भी बढ़ रहे हैं और साथ ही पास प्रतिशत भी बढ़ रहे हैं। कई छात्रों के अंक में विषयवार अंतर देखा गया, जैसे कि गणित में 90 अंक और विज्ञान में 45। ऐसे छात्रों ने दोबारा कॉपी जांच के लिए आवेदन किया। सत्यापन के बाद इन छात्रों के अंक भी बढ़ रहे हैं।

इस तरह की लापरवाही आई सामने

  • कई सवालों के उत्तर की जांच नहीं की गई
  • स्टेप वाइज उत्तर के लिए स्टेप वाइज अंक नहीं दिए गए
  • अंक जोड़ने में गलती की गई 
  • छह अंक के उत्तर में तीन ही अंक दिए गए

बोर्ड द्वारा कहा गया है कि मूल्यांकन के बाद जिन छात्रों के अंक बढ़ रहे हैं उनकी कॉपी जांचने वाले शिक्षकों को चिन्हित किया जाएगा। ऐसे शिक्षकों से बोर्ड स्पष्टीकरण मांगेगा। इन शिक्षकों पर जुर्माना लगेगा। साथ ही ऐसे शिक्षक आगे से कॉपी जांचने का काम नहीं कर पाएंगे। 

Updated on:
27 May 2024 11:43 am
Published on:
27 May 2024 11:39 am