मकरोनिया में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में धर्माधिकारी पं भगवत कृष्ण महाराज ने कहा कि रुक्मिणी साक्षात लक्ष्मी का अवतार थीं। वह मन ही मन भगवान कृष्ण से विवाह करना चाहती थीं।
मकरोनिया में चल रही श्रीमद्भागवत कथा
सागर. मकरोनिया में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में धर्माधिकारी पं भगवत कृष्ण महाराज ने कहा कि रुक्मिणी साक्षात लक्ष्मी का अवतार थीं। वह मन ही मन भगवान कृष्ण से विवाह करना चाहती थीं। उधर, श्रीकृष्ण भी जानते थे कि रुक्मिणी में कई गुण हैं, लेकिन रुक्मिणी का भाई रूक्मी श्री कृष्ण से शत्रुता रखता था। अंतत: कृष्ण ने रूक्मी को युद्ध में परास्त करके रुक्मिणी से विवाह किया। रुक्मिणी मंगल कथा के बारे में बताते हुए कहा कि जो इसका श्रवण करता है, उसके घर में विवाह की सारी बाधाएं दूर हो जाती हैं और परिवार मंगलमय जीवन व्यतीत करता है।