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खेल परिसर में मैराथन के बाद मेडल न मिलने से नाराज खिलाड़ी 20 फीट ऊंचे प्रवेश द्वार पर चढ़े

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा रविवार को आयोजित मैराथन दौड़ के बाद हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। दौड़ के बाद आयोजकों द्वारा मेडल न दिए जाने से नाखुश प्रतिभागियों ने सड़क पर जाम लगा दिया। इस दौरान युवाओं ने जमकर नारेबाजी भी की। कुछ युवा अपनी जान जोखिम में डालकर खेल परिसर मैदान के मुख्य गेट और दीवार पर चढ़ गए। जाम की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश देकर उन्हें गेट से नीचे उतारा।

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सागर

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Rizwan ansari

Jan 19, 2026

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा रविवार को आयोजित मैराथन दौड़ के बाद हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। दौड़ के बाद आयोजकों द्वारा मेडल न दिए जाने से नाखुश प्रतिभागियों ने सड़क पर जाम लगा दिया। इस दौरान युवाओं ने जमकर नारेबाजी भी की। कुछ युवा अपनी जान जोखिम में डालकर खेल परिसर मैदान के मुख्य गेट और दीवार पर चढ़ गए। जाम की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश देकर उन्हें गेट से नीचे उतारा। पुलिस ने मामले में दखल दिया और आयोजकों को बुलाकर प्रतिभागियों को मेडल वितरित कराए, तब जाकर मामला शांत हुआ।

मैराथन में पहले 50 विजेताओं को मेडल देने की कही थी बात

खेल परिसर मैदान से शुरु हुई मैराथन बस स्टैंड, डिग्री कॉलेज, जैन स्कूल, मेडिकल कॉलेज रोड होते हुए पॉलिटेक्निक कॉलेज और फिर मनोरमा कॉलोनी चौराहा से होकर वापस खेल परिसर में आकर समाप्त हुई। मैराथन में शहर सहित जिले और आसपास से आए खिलाड़ियों ने भी हिस्सा लिया था। खिलाड़ियों का कहना था कि मैराथन में 10 किमी, 5 किमी और 3 किमी दौड़ के पहले 50 विजेताओं को पुरस्कार के साथ मेडल देने की बात कही गई थी, लेकिन आयोजन के बाद आयोजक डॉ. तल्हा साद मेडल अपने साथ लेकर वापस लौट गए, जिससे विजेता खिलाड़ियों को बिना पुरस्कार के ही लौटना पड़ा। यह देख कुछ खिलाडी भड़क गए और स्टेट बैंक के सामने सड़क पर चक्का जाम कर दिया, जिसके कारण कुछ समय तक यातायात बाधित हुआ।

पुलिस ने वापस बुलाकर वितरित कराए मेडल

हंगामा की सूचना पर मौके पर पहुंची सिविल लाइन और गाेपालगंज पुलिस ने काफी देर तक समझाइश देने की कोशिश की, लेकिन खिलाडी अपनी मांग पर अड़े रहे। जिसके बाद पुलिस ने आयोजकों को वापस बुलाया और मेडल वितरित कराए।

एक साथ लोग आ गए थे, तो मंच टूट गया था

मैराथन का उद्देश्य स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना था। स्टेज पर मेडल वितरित किए जा रहे थे, लेकिन अधिक लोग एक साथ मंच पर आ गए थे, जिससे वह टूट गया। इसलिए मेडल वितरण कार्यक्रम को रोकना पड़ा था। बाद में सभी के लिए मेडल दिए और क्यूआर कोड दिया गया, जिससे सभी ने अपने-अपने सर्टिफिकेट डाउनलोड कर लिए थे। - डॉ. तल्हा साद, आयोजक