किसानों को किया गया जागरुक, साहूकारों से ऋण लेकर कई गुना ज्यादा चुकाने पड़ते हैं रुपए
बीना. कृषि उपज मंडी प्रांगण में वेयरहाउसिंग डेवलपमेंट एंड रेगुलेटरी अथॉरिटी (डब्ल्यूडीआरए) की इ-डिपोजिटरी संस्था सीसीआरएल और किसान वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के द्वारा कम ब्याज दरों पर ऋण लेने जागरुक किया गया।
किसानों को सरकार की नीतियों का पालन करते हुए अपनी उपज डब्ल्यूडीआरए के तहत वेयरहाउस में भंडारण करने के लिए जागरुक किया गया और इसी उपज पर उन्हें ऋण मिलेगा। किसान वेयरहाउस के संचालक सत्यजीत सिंह ने विस्तार से डब्ल्यूडीआरए के मुख्य उद्देश्यों के बारे में बताया। देश में इलेक्ट्रॉनिक पराक्राम्य वेयरहाउस रसीद (इएनडब्ल्यूआर) प्र्रणाली को लागू किया गया है, जिससे किसान अपनी उपज को गोदामों में जमा कर सकें और रसीद के आधार पर ऋण प्राप्त कर सकें। गोदामों में रखी गई उपज सुरक्षित है और बैंक इएनडब्ल्यूआर पर विश्वास कर सकें यह विश्वास दिलाना होगा। अनुविभागीय अधिकारी विजय डेहरिया ने व्यापारी और किसानों को बताया कि केंद्र सरकार द्वारा कृषि हित में, जो वित्तीय सहयोग की योजनाएं चलाई जा रही हैं, उसका लाभ सबको मिलकर लेना है व पुरानी साहूकारी प्रथा को छोड़ बैंकों से कम ब्याज पर लेनदेन करें व एक्ट के अनुकूल कार्य हों। नगर मंडल अध्यक्ष राजेंद्र उपाध्याय जो यूबीएफपीओ के डायरेक्टर हैं उन्होंने बैंकों से छोटे किसानों को अधिकतम लाभ पहुंचाने की बात कही। सीसीआरएल संस्था से प्रशांत लोंकर ने इएनडब्ल्यूआर पर ऋण प्राप्त करने की सम्पूर्ण प्रक्रिया बताई। मंडी व्यापारी संघ अध्यक्ष संदीप जैन ने कंपनियों का एक स्थायी कार्यालय बीना में बनाने की बात कही, जिससे व्यापारियों को अधिकतम लाभ मिले। इस अवसर पर बैंक से आरएम मुकेश साहू, शाखा प्रबंधक ब्रजेन्द्र सिंह, भारतीय स्टेट बैंक से विकास जैन, संदीप पटेल, सुजय कुमार रावत, रीतेश डोडेजा, अरशद खान, व्यापारी नवीन जैन, दीपक जैन, श्याम दुबे, राजीव जैन, आदित्य जैन, प्रवीण जैन, पवन वाधवानी, किसान सीताराम ठाकुर, अजय पटेल आदि उपस्थित थे।