शहर में रहवासी क्षेत्रों में गैस गोदामें संचालित हो रही हैं। निर्माण के समय तो यह गोदामें शहर से बाहर थीं, लेकिन अब इनके आसपास घनी बस्ती बस गई है। तिली क्षेत्र में तो गैस गोदाम की
सागर. शहर में रहवासी क्षेत्रों में गैस गोदामें संचालित हो रही हैं। निर्माण के समय तो यह गोदामें शहर से बाहर थीं, लेकिन अब इनके आसपास घनी बस्ती बस गई है। तिली क्षेत्र में तो गैस गोदाम की दीवार से सटकर बढ़ी तादात में टायरों का भंडारण भी है, तो वहीं खुरई रोड पर गोदाम के आसपास बस्ती लगी हुई है। गुरुवार को रहली व बीना में हुई घटनाओं के बाद जब गैस गोदामों की फायर सुरक्षा को लेकर पड़ताल की तो पता चला कि इन गोदामों में रेत की 4 बाल्टियां और 2 छोटे-छोटे अग्रिसुरक्षा यंत्र हैं। ऐसे में यदि कभी गलती से आग लग गई तो उसे बुझाना आसान नहीं होगा और इससे आसपास रहने वाले लोगों को भी खतरा है।
मई 2018 में तिली क्षेत्र में स्थित इंडियन ऑयल की गैस गोदाम से लगी टायरों की गोदाम में आग लग गई थी। यहीं पास में एक पेट्रोल पंप भी है। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिसे बुझाने में 30 से ज्यादा फायर लॉरी खाली हो गईं और इसमें सेना की भी मदद लेनी पड़ी थी।
गुरुवार सुबह 3 से 4 बजे के बीच खिमलासा रोड पर गैस गोदाम से सटे खेत की नरवाई में आग लग गई। हवा के साथ आग को तेजी से गैस गोदाम की ओर बढ़ते देख अफरा-तफरी मच गई। फायर ब्रिगेड भी समय से मौके पर नहीं पहुंची, जिसके बाद लोगों ने ट्रैक्टर में कल्टीवेटर फंसाकर खेत में बखरनी की और आग को आगे बढऩे से रोका। यहीं पास में रहवासी कॉलोनी है।
सागर-रहली मार्ग पर गुरुवार की दोपहर करीब 2 बजे एक खेत की नरवाई में आग लग गई। तेज धूप और हवा के कारण आग तेजी से फैली और कुछ ही देर में वहीं पास में स्थित गैस गोदाम के पास तक पहुंची। गनीमत रही कि नगर पालिका की फायर ब्रिगेड समय से पहुंच गई और ग्रामीणों ने भी आसपास लगे जलस्त्रोतों की मदद से आग पर काबू पा लिया।
गैस गोदामों को लेकर नगर निगम के फायर ऑफिसर सईदउद्दीन कुरैशी से बात की तो उनका कहना था कि इनकी फायर एनओसी नगर निगम जारी नहीं करता है। यह विस्फोटक अधिनियम के दायरे में आते हैं, जिन्हें आगरा से एनओसी लेनी होती है। हां यह जरूर है कि गैस गोदाम अंदरआबादी में नहीं हो सकता।