सागर

तेज बारिश से भीगी फसलें, कटी रखी मसूर व मटर की फसल को नुकसान, फसलों को धूप की जरूरत

बीना. पिछले दो दिनों से आसमान पर बादल छाए हैं और रुक-रुक कर बारिश हो रही है, जिससे फसलों को नुकसान हो रहा है। सबसे ज्यादा नुकसान खेतों में कटी पड़ी मसूर, मटर की फसल होगा। शुक्रवार सुबह तक 4 एमएम बारिश दर्ज की गई है। किसानों को अब धूप निकलने का इंतजार है। यदि […]

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Feb 21, 2026
आड़ी हुई गेहूं की फसल

बीना. पिछले दो दिनों से आसमान पर बादल छाए हैं और रुक-रुक कर बारिश हो रही है, जिससे फसलों को नुकसान हो रहा है। सबसे ज्यादा नुकसान खेतों में कटी पड़ी मसूर, मटर की फसल होगा। शुक्रवार सुबह तक 4 एमएम बारिश दर्ज की गई है। किसानों को अब धूप निकलने का इंतजार है। यदि धूप नहीं निकली तो फसलों में फफूंद लग जाएगी।
गुरुवार देर रात तेज बारिश हुई, जो रातभर रुक-रुक होती रही। शुक्रवार की सुबह से भी धूप नहीं निकली और दिनभर बूंदाबांदी हुई, जिससे फसलें सूख नहीं पाईं। अभी खेतों में मसूर और मटर की फसल कटी पड़ी है, जिसमें सबसे ज्यादा नुकसान होने की आशंका है। मसूर का दाना काला पडऩे से मंडी में सही दाम नहीं मिलेंगे। यदि आज से धूप नहीं निकली, तो फसल में फफूंद भी लग सकती है। किसान रामबिहारी सिंह ने बताया कि बारिश से कटी फसल सहित खेतों में खड़ी पकी हुई फसल में भी नुकसान होगा। मसूर फसल की कटाई करते समय फलियां झडऩे लगेंगी। दो दिन की तेज धूप लगने के बाद ही फसलों की कटाई, थ्रेसिंग शुरू हो पाएगी।

गेहूं की फसल हुई आड़ी
बारिश और हवा से गेहूं की फसल आड़ी हो गई है, जिससे दाना छोटा रहने की आशंका बढ़ गई है। साथ ही जो गेहूं की फसल पक गई है उसके दानों की चमक कम हो जाएगी।

लगातार बारिश से होगा नुकसान
लगातार बारिश से कटी पड़ी फसलों को नुकसान होगा। फसलों को धूप की जरूरत है। गेहूं की फसल को बारिश से नुकसान नहीं हुआ है।
अवधेश राय, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, बीना

फैक्ट फाइल
कुल बोवनी का रकबा 56260 हेक्टेयर
गेहूं-25090 हे.
चना-8900 हे.
मसूर-14750 हे.
मटर-3825 हे.

Published on:
21 Feb 2026 11:43 am
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