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किसानों ने कहा रिफाइनरी प्रबंधन मुख्य मार्ग से खेतों में वाहन ले जाने नहीं बनाने देते रैंप

बीना. बीपीसीएल रिफाइनरी प्रबंधन ने कुरवाई रोड स्थित पेट्रोल पंप से रिफाइनरी तक सड़क के दोनों ओर अपनी सीमा निर्धारित सीमेंट के खंभे लगाए हैं और इसके पीछे किसानों की खेते हैं। रिफाइनरी की सडक़ से खेतों तक वाहन ले जाने के लिए किसानों को मशक्कत करनी पड़ती है, तब वह पहुंच पाते हैं।किसानों ने […]

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Farmers said the refinery management does not allow vehicles to be taken from the main road to the fields by building ramps.

मुख्य सड़क से खेत के बीच बीपीसीएल की जमीन

बीना. बीपीसीएल रिफाइनरी प्रबंधन ने कुरवाई रोड स्थित पेट्रोल पंप से रिफाइनरी तक सड़क के दोनों ओर अपनी सीमा निर्धारित सीमेंट के खंभे लगाए हैं और इसके पीछे किसानों की खेते हैं। रिफाइनरी की सडक़ से खेतों तक वाहन ले जाने के लिए किसानों को मशक्कत करनी पड़ती है, तब वह पहुंच पाते हैं।
किसानों ने एसडीएम को बताया कि रिफाइनरी के मुख्य मार्ग से खेतों में ट्रैक्टर-ट्रॉली या अन्य वाहन ले जाने के लिए सड़क तो दूर रैंप भी नहीं बनाने दिया जाता है, जिससे कृषि कार्य करने में परेशानी होती है। जब खेतों तक किसान नहीं पहुंच पाते हैं, तो फिर विवाद की स्थिति निर्मित होती है। जबकि किसानों की जमीन लेकर ही रिफाइनरी तैयार की गई है और अब किसानों को ही परेशान किया जा रहा है। कई जगह खेतों के सामने फेंसिंग भी कर दी गई है, जिससे खेतों के अंदर जाने रास्ता नहीं बचा है और फेंसिंग काटने के लिए भी अधिकारी मना करते हैं। एसडीएम के साथ रिफाइनरी के अधिकारी भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने इस बात पर कोई जवाब नहीं दिया।

नो-डेवलपमेंट एरिया का विरोध भी है जारी
रिफाइनरी के आसपास पांच किलोमीटर में नो-डेवलपमेंट एरिया घोषित किया गया है, जहां किसानों को कोई कार्य नहीं करने दिया जाता है। जबकि रिफाइनरी विस्तार में आईं कंपनियों ने निषिद्ध क्षेत्र में रिफाइनरी की बाउंड्रीवॉल के पास प्लांट लगा लिए हैं। इसका विरोध भी किसान कर रहे हैं। प्लांटों को हटाने के लिए कई ज्ञापन भी सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

सड़क बनाने छोड़ी है जमीन
मुख्य सड़क के दोनों तरफ जो जमीन छोड़ी गई है उसपर नई सडक़ का निर्माण प्रबंधन को करना है। किसानों को खेतों तक जाने रैंप बनाने से नहीं रोका जाएगा।
विजय डेहरिया, एसडीएम, बीना