स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर किया इलाज, गंदगी और संक्रमित भोजन करना बताया जा रहा कारण
बीना. ग्राम पुरैना में उल्टी-दस्त से करीब पंद्रह से ज्यादा लोग बीमार हो गए, जिनमें से एक 11 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। बीमारी की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बीमार लोगों का इलाज किया, लेकिन शाम तक कई लोगों को आराम नहीं लगा, जो सिविल अस्पताल पहुंचे।
जानकारी के अनुसार गांव के आदिवासी टपरा में रहने वाले करीब पंद्रह से ज्यादा लोग उल्टी-दस्त से बीमार हो गए। बताया जा रहा है कि यहां स्कूल के पास लगे हैंडपंप का पानी लोग पीते है, जिसके पीने से वह बीमार हुए हैं। दरअसल सोमवार की शाम से कई लोगों के पेट में अचानक दर्द होने लगा और उल्टी-दस्त होने लगे। फसल काटने के लिए दूसरे शहरों से आए मजदूर भी इसी जगह पर रह रहे हैं, इनमें से भी कई लोग बीमार हुए हैं। रात में धर्मवीर पिता घनश्याम आदिवासी (11) निवासी पुरैना को उल्टी-दस्त होने लगे, जिसकी मंगलवार सुबह हालत बिगडऩे से मौत हो गई, लेकिन बच्चे के परिजन उन्हें सिविल अस्पताल लेकर नहीं आए, जिससे उसका पीएम नहीं किया जा सका है।
अस्पताल में भी भर्ती हैं लोग
गांव में दिए गए इलाज के बाद आराम नहीं लगने के बाद गांव के टीकाराम पिता गुलाब आदिवासी (28) व रेखा पति शिब्बू आदिवासी (30) निवासी आदिवासी टपरा को भी उल्टी-दस्त होने के कारण सिविल में भर्ती कराया गया, जहां पर उनका इलाज किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि कई अन्य लोग भी सिविल अस्पताल आए थे, लेकिन अस्पताल में समय पर इलाज नहीं होने के कारण वह निजी अस्पातल चले गए थे।
करा रहे हैं जांच
गांव में लोगों के बीमार होने की सूचना मिली है। सुबह स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर लोगों का इलाज भी किया है, जिन्हें दोबारा इलाज करने के लिए गांव भेजा है। बीमार होने के पीछे प्राथमिक तौर पर यह सामने आया है कि जहां पर ग्रामीण रह रहे हैं वहां बहुत ज्यादा गंदगी है व रात में कुछ संक्रमित भोजन भी लोगों ने खाया है। यदि हैंडपंप के पानी से लोग बीमार हो रहे हैं, तो उसे बंद कराया जाएगा और ग्रामीणों को अन्य जगह से पानी की व्यवस्था कराई जाएगी।
देवेेन्द्र प्रताप सिंह, एसडीएम, बीना
बच्चे ने खाई थी मछली
सोमवार को बच्चा स्कूल से लौटकर आया तो उसके पेट में दर्द होने लगा था। इसके बाद परिजनों ने किसी मेडिकल से दवा लेकर खिलाई थी और फिर उसकी उसकी मौत हुई है। बीमार होने वालों में बच्चे के अलावा अन्य लोगों ने भी मछली खाई थीं, जिससे भी बीमार होने की आशंका है।
डॉ. अरविंद गौर, बीएमओ