सागर

विरोध: लोको पायलट व सहायक लोको पायलट भूखे रहकर दौड़ा रहे ट्रेन

ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन के आह्वान पर लिया निर्णय, दस सूत्रीय मांगों को लेकर जता रहे हैं विरोध
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Updated: 3 Dec 2025, 12:09 PM IST
Protest: Loco pilots and assistant loco pilots are running trains while remaining hungry.
प्रदर्शन करते हुए लोको पायलट

बीना. रेलवे में लोको पायलट और सहायक लोको पायलट 10 सूत्रीय मांगों को लेकर 48 घंटे की हंगर फास्ट (भूख हड़ताल) पर चले गए हैं। ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन के आव्हान पर 2 दिसंबर सुबह 10 बजे से 4 दिसंबर सुबह 10 बजे तक पूरे देश के लोको रनिंग स्टाफ बिना भोजन ड्यूटी करेगा। यह आंदोलन जंक्शन सहित प्रदेश की अन्य क्रू लॉबी में शुरू हो गया है।

एआइएलआरएसए की हैं यह मांगे

लोको व सहायक लोको पायलट 48 घंटे भूखे रहकर जो मांगे कर रहे हैं उनमें ट्रैवलिंग अलाउंस में 25 प्रतिशत बढ़ोत्तरी के अनुपात में माइलेज भत्ते में वृद्धि करने, किलोमीटर भत्ते का 70 प्रतिशत आयकर मुक्त करने, आवधिक विश्राम 46 घंटे सुनिश्चित करने, एएलपी से एलपीएम तक सभी पदों का वेतनमान एल-6 से एल-10 स्तर पर तय करने, मेल-एक्सप्रेस में अधिकतम 6 घंटे और मालगाड़ी में 8 घंटे ड्यूटी का नियम लागू करने, लगातार दो रात से ज्यादा नाइट ड्यूटी न कराने, 36 घंटे के अंदर मुख्यालय वापसी सुनिश्चित करने, सहायक लोको पायलट से एफएसडी और हैंड ब्रेक का काम कराना बंद करने, महिला रनिंग स्टाफ की सुरक्षा और समस्याओं पर विशेष उपाय करने, एनपीएस बंद कर पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए।

अभी है यह दिक्कतें

रनिंग स्टाफ ने बताया कि 9 घंटे ड्यूटी का नियम होने के बावजूद 12 से 16 घंटे तक लगातार संचालन कराया जा रहा है, कई बार 72 से 104 घंटे तक मुख्यालय से बाहर रखा जाता है, इंजनों में शौचालय-यूरिनल की सुविधा नहीं, भोजन, लंच ब्रेक और उचित विश्राम का अभाव, सुरक्षा नियम लागू न होने से बढ़ता मानसिक दबाव काम करने में व्यवधान हो रहा है।

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3 Dec 2025, 12:09 PM IST
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