सागर

जमीन विवाद में अपने भाई व भतीजे की हत्या के दोषी रिटायर्ड फौजी को दोहरा आजीवन कारावास

जमीन के विवाद में अपने ही भाई व भतीजे की गोली मारकर हत्या और बेटी पर जानलेवा हमला करने वाले रिटायर्ड आर्मी के जवान को कोर्ट ने दोहरे आजीवन कारावास और अर्थ दंड की सजा सुनाई है। फैलसा के बाद अपराधी को केंद्रीय जेल भेज दिया गया है।

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Aug 20, 2025
sagar

जमीन के विवाद में अपने ही भाई व भतीजे की गोली मारकर हत्या और बेटी पर जानलेवा हमला करने वाले रिटायर्ड आर्मी के जवान को कोर्ट ने दोहरे आजीवन कारावास और अर्थ दंड की सजा सुनाई है। फैलसा के बाद अपराधी को केंद्रीय जेल भेज दिया गया है।
यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश प्रशांत कुमार सक्सेना की न्यायालय ने दिया है। मामले की पैरवी विशेष लोक अभियोजक सौरभ डिम्हा ने की। डिम्हा ने बताया कि 1 सितंबर 2023 को फरियादी कमलेश रानी ने सानौधा पुलिस थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके सबसे छोटा देवर रामाधार तिवारी आर्मी से रिटायर्ड हुआ है। मझले देवर राममिलन से पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर रामाधार का एक साल से विवाद चल रहा था।

भाई, भतीजे और फिर भतीजी को मारी गोली, हो गया फरार

एक सितंबर 2023 की दोपहर 11 बजे जब वह अपने बेटे अजय मझले देवर राममिलन के साथ बैठी थी तो छोटा देवर रामाधार तिवारी गाली-गलौज करने लगा, फिर लाइसेंसी पिस्टल से राममिलन की पीठ में गोली मार दी। राममिलन जमीन पर गिर पड़ा तो उसका बेटा अजय बचाने पहुंचा। रामाधार ने उसपर फायर कर दिया, गर्दन में गोली लगने पर वह भी गिर गया। इस बीच रामाधार की बेटी वर्षा पहुंची तो उसपर भी गोली दाग दी। गोली पैर के पंज में लगी। वारदात को अंजाम देकर वह ढाना की तरफ भाग गया।

27 गवाह व साक्ष्य पेश किए गए, अदालत ने माना दोषी

वारदात में राममिलन और अजय की मौत हो गई, जबकि वर्षा को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सानौधा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। जांच के बाद पुलिस ने चालान कोर्ट में पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 27 गवाहों और सभी साक्ष्य अदालत में पेश किए गए। साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने रामाधार तिवारी को दोषी मानते हुए दोहरा आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।

Published on:
20 Aug 2025 05:03 pm
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