सागर

कुत्ते ने लिया बदला : टक्कर मारने वाली कार को ढूंढते घर तक पहुंचा फिर पंजे से खरोंच दी पूरी गाड़ी

शहर में ऐसी ही एक घटना सामने आई है, जिसमें एक कुत्ते ने करीब 12 घंटे बाद उसको टक्कर मारने वाली कार से बदला लिया। वह दिन भर इंतजार करता रहा और रात

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Jan 20, 2025

सीसीटीवी में कैद हुई घटना

सागर. आपने किस्से-कहानियों में सुना होगा कि इंसान ही नहीं बल्कि जानवर भी अपने साथ हुई घटना का बदला लेते हैं। सागर शहर में ऐसी ही एक घटना सामने आई है, जिसमें एक कुत्ते ने करीब 12 घंटे बाद उसको टक्कर मारने वाली कार से बदला लिया। वह दिन भर इंतजार करता रहा और रात करीब डेढ़ बजे घर के बाहर पार्क गाड़ी को चारों ओर से पंजे से खरौंच दिया। कुत्ते की यह हरकत घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है, जिसे देखकर कार मालिक का पूरा परिवार हैरान है। हालांकि बदला लेने वाले कुत्ते ने कार चालक या उसके परिवार को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है।

शहर के तिरुपतिपुरम में रहने वाले प्रहलाद सिंह घोषी ने बताया कि 17 जनवरी की दोपहर करीब 2 बजे परिवार को लेकर एक शादी समारोह में जाने घर से निकला था। घर से करीब 500 मीटर दूर कॉलोनी के एक मोड़ पर वहां बैठे काले रंग के कुत्ते को कार की टक्कर लग गई। इसके बाद वह बहुत दूर तक भौंकते हुए कार के पीछे दौड़ता रहा। प्रहलाद ने बताया कि वह रात करीब एक बजे शादी से लौटकर वापस घर पहुंचे और कार को सड़क किनारे पार्क करके सो गए। सुबह उठकर देखा तो कार में चोरों ओर से खरौंच लगी थी, तो सोचा कि कोई बच्चे पत्थर से रगड़ गए हैं, लेकिन जब सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी तो उसमें एक कुत्ता कार को पंजों से खरौंचते नजर आया। पहले तो कुछ समझ नहीं आया, लेकिन फिर अचानक से याद आया कि दोपहर में इसी कुत्ते को कार से टक्कर लगी थी।

- डेंटिंग-पेंटिंग में लग गए 15 हजार रुपए
प्रहलाद ने बताया कि कुत्ते ने कार को चारों तरफ से खरौंच दिया था। दूसरे दिन कार लेकर शोरूम पहुंचा तो उसकी डेंटिंग-पेंटिंग कराने करीब 15 हजार रुपए का खर्चा आया है, अब यही डर लगता है कि कहीं वह कुत्ता फिर से आकर कार को न खरौंचने लगे, इसलिए अब गेट के अंदर गाड़ी पार्क करने लगा लूं।

- देवरी में सांड ने लिया था बदला
जानवरों द्वारा बदला लेने का एक मामला करीब 12 साल पहले जिले के देवरी में सामने आया था। देवरी में सागर रोड पर रहने वाले करीब 55 वर्षीय भूपनारायण प्रजापति ने एक सांड पर खौलता हुआ पानी डाल दिया था। दूसरे दिन सुबह सांड भूपनारायण के घर में घुसा और तब तक मारता रहा, जब तक कि उनकी की मौत नहीं हो गई। लोग इलाज के लिए अस्पताल ले गए तो सांड वहां भी पहुंचा। इसके बाद सांड अंतिम यात्रा के साथ मुक्तिधाम तक गया और जब तक चिता की अग्नि शांत नहीं हो गई तक वहीं बैठा रहा।

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