सागर

फरवरी के पहला पखवाड़ा बना रहेगा ठंडा, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से छाएंगे बादल

फरवरी के मौसम का मिजाज लगभग जनवरी के समान ही होता है। उत्तर भारत से होकर गुजरने वाले पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बादल छाए रहते हैं। साथ ही गरज चमक के साथ बारिश की संभावना रहती है। ओलावृष्टि भी हो सकती है। इस बार फरवरी का पहला पखवाड़ा ठंडा रहेगा। इसके बाद मौसम बदल […]

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Feb 01, 2026

फरवरी के मौसम का मिजाज लगभग जनवरी के समान ही होता है। उत्तर भारत से होकर गुजरने वाले पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बादल छाए रहते हैं। साथ ही गरज चमक के साथ बारिश की संभावना रहती है। ओलावृष्टि भी हो सकती है। इस बार फरवरी का पहला पखवाड़ा ठंडा रहेगा। इसके बाद मौसम बदल सकता है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास ही रहेंगे। इस माह का सामान्य औसत अधिकतम तापमान 28.2 डिग्री तथा औसत न्यूनतम तापमान 14.1 डिग्री के आसपास रहता है।
मौसम वैज्ञानिक विवेक छलोत्रे ने बताया कि पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी और बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। समुद्र तल से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर करीब 204 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं भी बह रही हैं। इसका असर मध्यप्रदेश में भी दिखाई दिया। हिमालय में पश्चिमी विक्षोभ फिर टकराया है। इस दो दिनों बाद तापमान में फिर हल्की गिरावट होगी। फरवरी के पहले पखवाड़े में तापमान में उतार-चढ़ाव रहेगा। 15 फरवरी के बाद अधिकतम तापमान में ज्यादा उछाल देखने को मिलेगा।

बादलों की हुई लुका-छिपी

शनिवार को बादलों की लुका-छिपी हुई। अधिकतम तापमान सामान्य से 2 डिग्री कम 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान सामान्य से 1 डिग्री कम 11.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। बादलों की वजह से तापमान में बढ़ोतरी हुई है।

पिछले वर्षों में न्यूनतम तापमान

2016 - 9.4
2017 - 11.0
2028 - 10.6
2019 - 7.0
2020 - 8.6
2021 - 8.8
2022- 8.8
2023 - 7.4
2024 - 7.8
2025 - 8.7

(नोट- तापमान डिग्री सेल्सियस है)

Published on:
01 Feb 2026 05:27 pm
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